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मेरठ: बारिश ने खोली नगर निगम की पोल, कई इलाके में हुआ जलभराव, बिजली के दो खंभे भी गिरे

Thu, 17 Jun 2021 03:23 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजदीप जाखड़, मेरठ

सार

यहां बारिश ने नगर निगम की पोल खोल दी। बारिश होने से शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया है। नगर निगम ने बारिश से निपटने के लिए कोई काम नहीं किया है।
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मेरठ में बारिश से जलभराव। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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पश्चिमी यूपी में कई दिनों से बारिश का मौसम बना हुआ है। वहीं आज दोपहर मेरठ के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई। इससे शास्त्रीनगर समेत कई इलाकों में जलभराव हो गया। नगर निगम ने बारिश से निपटने के लिए कोई काम नहीं किया। 

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उधर, थाना सदर बाजार के रजबन बड़ा बाजार अतिथि भवन के पीछे बारिश के चलते दो बिजली के खंभे अचानक भरभरा कर गिर गए। गनीमत रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। बताया गया कि दोनों खंभे सेंट्रो कार के ऊपर गिरे हैं। इस दौरान बिजली नहीं आ रही थी थी, नहीं तो कार में आग सकती थी। लोगों ने घटना की जानकारी एसडीओ सदर को दी। इसके बाद वहां कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने मरम्मत का काम शुरू किया।

बारिश में जलभराव से दो-चार होगी आधे शहर की आबादी 
शहर की करीब आधी आबादी को इस साल भी जलभराव की समस्या से जूझ रही है। सर्वाधिक जलभराव वाले क्षेत्र चिह्नित होने के बावजूद नगर निगम ने इससे निपटने के लिए कोई काम नहीं किया है। जलभराव को लेकर निगम के दावे हर साल हल्की बारिश में ही धुल जाते हैं। मंगलवार और गुरुवार को प्री-मानसून बारिश ने निगम के नाला सफाई अभियान की पोल खोल दी है। मानसून की दस्तक के बाद भी निगम ने अभी तक कंट्रोल रूम भी स्थापित नहीं किया है।  
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शहर में जल निकासी के लिए तीन मुख्य नाले आबूनाला, आबूनाला-2 कसेरुखेड़ा और ओडियन है। इन नालों से छोटे-बड़े 341 नाले और जुड़े हैं, जिनमें गली-मोहल्लों का पानी पहुंचता है। छोटे-बड़े नालों के गोबर और कूड़ा-करकट से अटे होने के कारण जल निकासी बाधित रहती है। नतीजतन, बारिश में शहर का आधा हिस्सा जलमग्न हो जाता है और करीब दस लाख लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि नगर निगम इन दिनों नालों की सफाई करा रहा है लेकिन सिल्ट भी नहीं उठाए जाने से नाले चोक हो जाते हैं। 

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32 इलाकों में सर्वाधिक जलभराव 
शहर के 32 इलाके सर्वाधिक जलभराव के लिए चिह्नित हैं। इनमें लक्खीपुरा, अहमदनगर कांच का पुल, तारापुरी, ब्रह्मपुरी, शिव शक्ति नगर, मलियाना, लिसाड़ी रोड, खैरनगर, अजंता कॉलोनी, अब्दुल्लापुर, साधु नगर, न्यू गोविंदपुरी कंकरखेड़ा, इंदिरा नगर, टीपीनगर, माधवपुरम, रशीद नगर, श्याम नगर, जाकिर कॉलोनी, शकूर नगर, शौकत कॉलोनी, शोभापुर, भोला रोड बाईपास, चंद्रलोक, साबुन गोदाम, जिमखाना मैदान, पूर्वा फैयाज अली, जली कोठी, न्यू इस्लामनगर, पूर्वा ताहिर हुसैन, जयदेवी नगर, पूर्वा इलाही बख्श, नई बस्ती और लल्लपुरा आदि शामिल है। 

निजात के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं 
जलभराव से निजात दिलाने के लिए नगर निगम के पास पर्याप्त इंतजाम नहीं है। निगम के पास 10 एचपी के 5 और 7.5 एचपी के 12 पंपसेट हैं। इसके अलावा छह सीवर जेटिंग मशीन हैं। सभी जगह पानी भरने पर चिह्नित क्षेत्रों में से भी आधे का ही पानी निकाला जा पाता है। 

इमरजेंसी में किराए पर लेते हैं पंप सेट 
सर्वाधिक जलभराव के लिए चिह्नित इलाकों में इमरजेंसी में किराए पर पंपसेट लगवा कर पानी निकलवाया जाता है। कंट्रोल रूम के लिए भी तैयारी चल रही है। - यशवंत कुमार, मुख्य अभियंता निर्माण, नगर निगम
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