एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने बताया कि इस सोलर पावर प्लांट की इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 585 kwp है, जिसके लिए वर्कशॉप सहित डिपो की कई अन्य बिल्डिंग्स पर सौर पैनल इंस्टॉल किए गए हैं। इसके 25 वर्षों के अनुमानित जीवनकाल के दौरान यह अनुमान है कि यह सोलर पावर प्लांट प्रति वर्ष लगभग 6,66,000 यूनिट सौर ऊर्जा उत्पन्न करेगा। इस प्लांट से अनुमानित तौर पर सालाना 615 टन कार्बन उत्सर्जन कम होने की उम्मीद है, जिससे इसके कुल जीवनकाल में कार्बन उत्सर्जन में लगभग 15,375 टन की कमी आएगी।
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इस सोलर प्लांट द्वारा जिस मात्रा में सौर ऊर्जा उत्पादित होगी, वह न केवल डिपो की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरी करेगी। उसके बाद भी अतिरिक्त सौर उर्जा उपलब्ध होगी, जिसका उपयोग अन्य आरआरटीएस परिचालनों में भी किया जा सकेगा। अपने इस प्रयास से सौर ऊर्जा द्वारा संचालित दुहाई डिपो 'नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन' की उपलब्धि हासिल कर 'ग्रीन डिपो' बन जाएगा।