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कोरोना महामारी में बड़ा बदलाव: विसर्जन के लिए डाक से भेजी जाएंगी अस्थियां, ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

Tue, 08 Jun 2021 02:41 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आशुतोष भारद्वाज, मेरठ

सार

कोरोना महामारी में बड़े-बड़े बदलाव हुए हैं। वहीं एक बदलाव यह भी हुआ है कि अब डाक द्वारा विसर्जन के लिए अस्थियां भेजी जाएंगी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।
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फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कोरोना कर्फ्यू, बीमारी या किसी और वजह से अगर कोई व्यक्ति किसी अपने का अस्थि विसर्जन नहीं कर पा रहा है तो अब डाक विभाग मदद करेगा। स्पीड पोस्ट से वाराणसी, प्रयागराज, हरिद्वार और गया में अस्थियों को विसर्जन के लिए भेजा जा सकता है। ओम दिव्य दर्शन संस्था इन अस्थियों को पवित्र नदियों में विसर्जित करेगी। 

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कोरोना महामारी मेंअपनों को खोने वाले कुछ लोग अंतिम संस्कार के बावजूद अस्थि विसर्जन नहीं कर पाए हैं। प्रवर अधीक्षक डाक संयुक्त प्रभार मेरठ एवं मुरादाबाद मंडल वीर सिंह ने बताया कि ओम दिव्य दर्शन सामाजिक संस्था ने पहल की है। चार तीर्थ स्थलों पर देश के किसी भी कोने से लोग अस्थियां भेज सकते हैं। वीर सिंह ने बताया कि मेरठ के किसी भी डाकघर से स्पीड पोस्ट के माध्यम से अस्थियां भेजी जा सकती हैं। सभी नियमों का पालन किया जाना आवश्यक है। संस्था को जैसे ही अस्थियां मिलेगी, वह नदियों में विसर्जित कर देगी।

इस तरह कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन
- अस्थियां भेजने के लिए ओम दिव्य दर्शन संस्था के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। 
- पैकेट भेजने वाले का विवरण, मृतक से रिश्ता औरओम दिव्य दर्शन का पता लिखना होगा।
- स्पीड पोस्ट के बाद संस्था के पोर्टल पर स्पीड पोस्ट बार कोड नंबर सहित जानकारी देनी होगी।
- डाकघर इसे व्यक्ति की मांग के अनुसार गया, हरिद्वार, प्रयागराज और वाराणसी भेजेगा।
- विसर्जन कार्य को संस्था साइट पर अपलोड करेगी और व्यक्ति के घर गंगाजल भेजा जाएगा।

महामारी ने बदला 16 संस्कारों का स्वरूप
कोरोना महामारी ने 16 संस्कारों का स्वरूप बदल दिया है। शवों के अंतिम संस्कार, उठावनी, अस्थि विसर्जन और तेरहवीं को प्रभावित किया है। सूरजकुंड शमशान में दर्जनों लोगों की अस्थियां रखी रहीं, जिन्हें लेने कोई नहीं पहुंचा। ऐसे में सामाजिक संगठनों ने आगे आकर अस्थि विसर्जन किया। महामारी के कारण तेरहवीं भी 40 से 45 दिन बाद की गई। बेटियों ने भी आगे आकर बेटे का फर्ज निभाया।

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