कोरोनाकाल में दो साल तक मस्जिदों के दरवाजे आम जनता के लिए बंद थे। चार से पांच लोग ही मस्जिदों में नमाज अदा की औपचारिकता पूरी कर रहे थे। लेकिन इस रमजान में कोरोना के केस कम होने के चलते अब सबकुछ सामान्य है।
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मेरठ में शुक्रवार को शाही जामा मस्जिद सहित शहर की मुख्य मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा की गई। शहरकाजी प्रोफेसर जैनुस साजिद्दीन सिद्दीकी ने रमजान के महीने में फिर से रौनक लौटने पर मुबारकबाद दी।
उन्होंने कहा कि रमजान महीने में जरूरतमंदों की मदद करें। क्योंकि इस महीने में आम दिनों के मुताबिक सात सौ गुना ज्यादा पुण्य मिलता है। कहा हलाल रोजी से परिवारों का पालन पोषण करें। बच्चों को दीनी तालीम के साथ स्कूली शिक्षा भी जरूर दें। ताकि हमारे बच्चे समाज का सुधार करने में अहम रोल अदा कर सकें।