पहाड़ों में हुई बारिश के बाद बिजनौर बैराज से छोड़े गए 3.90 लाख क्यूसेक पानी से गंगा में आए उफान ने खादर क्षेत्र के गांवों में फिर तबाही मचानी शुरू कर दी है। हरिपुर, दबखेड़ी, कुन्हेड़ा, रठौरा कलां, लतीफपुर, किशनपुर, भीमकुंड, दुधली सहित कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। गांवों के संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हो गए हैं। लोगों ने घरों की छतों पर अपना ठिकाना बनाया है। कई ग्रामीणों ने पलायन शुरू कर दिया है। बाढ़ प्रभावित गांवों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एसडीआरएफ और पीएसी की फ्लड कंपनी लगाई गई है।
गंगा के तजे बहाव से लोगों को नई-नई परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है। मंगलवार को गंगा का जलस्तर बढ़ने से तेज हुए पानी के बहाव में फतेहपुर प्रेम निवासी मूले बह गया। लोगों के शोर मचाने पर ग्रामीणों ने नाव से पहुंचकर उसे बचाया। हालांकि बुधवार शाम को गंगा के जलस्तर में कुछ गिरावट भी आई। बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता पीयूष कुमार ने बताया कि शाम 5 बजे तक गंगा का जलस्तर 1 लाख 65 हजार क्यूसेक पर चल रहा था। हरिद्वार से भी लगातार पानी में गिरावट दर्ज की जा रही है।
शहर में डेंगू का हमला और तेज पांच मरीज मिले, 15 हुई संख्या
डेंगू का हमला तेज होता जा रहा है। बुधवार को पांच मरीजों को और पुष्टि हुई है। ये लोग ब्रह्मपुरी, रजबन, मलियाना, कसेरू बक्सर और नंगला बट्टू के रहने वाले हैं। जिले में अब तक डेंगू के 15 मरीज मिल चुके हैं। आने वाले दिनों संख्या बढ़ने का अंदेशा है।
घरों में रखे कूलर और जलपात्र मच्छरों के लार्वा का घर बने हुए हैं, यही वजह है कि डेंगू के मरीज मिलने का सिलसिला शुरू हो गया है। पिछले दिनों मलेरिया विभाग ने दस्तक अभियान के तहत घरों का सर्वे किया था तो 150 से ज्यादा कूलर और जलपात्रों में मच्छर के लार्वा मिले थे। इसके तहत लोगों को जागरूक भी किया गया था। ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, शिक्षा विभाग और पंचायती राज विभाग आदि का सहयोग लिया गया।
इस बार दस्तक अभियान के तहत चिन्हित संभावित मरीजों की सूची सीधे ई-कवच पर अपलोड की गई। मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डॉ. अशोक तालियान ने बताया कि जुलाई- अगस्त में मच्छर जनित रोग बढ़ते हैं। डेंगू के मरीज गंभीर नहीं हैं। सावधानी जरूर बरतें।
यह बरतें सावधानी
घर व आसपास साफ सफाई रखें। अनावश्यक रूप से पानी न भरा रहने दें। आमतौर पर बरसात में घर की छतों पर रखे गैर उपयोगी पात्रों में पानी भर जाता है, जिसमें मच्छर पनपने लगते हैं, कोशिश करें कहीं भी पानी न भरे।
मेडा की बोर्ड बैठक आज महायोजना पर लगेगी मुहर
मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) की 124वीं बोर्ड बैठक गुरुवार को कमिश्नरी सभागार में कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे. की अध्यक्षता में होगी। इसमें मेरठ महायोजना- 2031(ड्राफ्ट) को मंजूरी दी जाएगी। साथ ही विकास से जुड़े कई प्रस्तावों पर भी मुहर लगेगी।
मेरठ महायोजना-2031 जीपीएस से लैस की गई है। इसमें किस भूमि का कौन सा भू-उपयोग है, इसको आसानी से पता लगाया जा सकेगा। इस बार महायोजना का क्षेत्रफल भी बढ़कर दोगुने से अधिक हो गया है। महायोजना-2021 में यह 500 वर्ग किमी. से बढ़कर अब 1043 वर्ग किमी. हो गया है।
बिजनौर जनपद में हाइवे स्थित अमानगढ़ वन रेंज के कैंप कार्यालय रायपुरी के नजदीक गुलदार का शव पड़ा मिला है। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और गुलदार के शव को वहां से हटवाया। बता दें कि जिले में गुलदार का आतंक लगातार जारी है। ग्रामीण इलाकों में गुलदार आबादी में पहुंचकर लोगों के घर में घुसकर भी हमला करने लगे हैं।