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मौत से मचा कोहराम: गमगीन माहौल में हुआ कार्तिकेय का अंतिम संस्कार, अमेरिका में ऐसे हुई थी मौत

Tue, 19 Oct 2021 02:05 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

कार्तिकेय का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया। बताया गया कि 10 दिन पहले उसकी अमेरिका में हादसे में मौत हो गई थी। वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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कार्तिकेय का फाइल फोटो - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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अमेरिका से एमटेक कर रहे कार्तिकेय (24 वर्ष) का शव सोमवार को मृत्यु के 10 दिन बाद गंगानगर पहुंचा तो कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। सूरजकुंड श्मशान घाट पर गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। 

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कार्तिकेय की अमेरिका में आठ अक्तूबर को सड़क हादसे में मौत हो गई थी। वह साथियों के साथ कार से एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी जा रहा था। अचानक कार अनियंत्रित होकर पलट गई और कार्तिकेय की मौत हो गई। उसका परिवार मूल रूप से परीक्षितगढ़ का है और गंगानगर के एचपी-21 में रहता है। पिता महेशचंद आरजी कॉलेज स्थित यूनियन बैंक की शाखा में विशेष सहायक हैं। स्टाफ एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। मां अनीता रानी अकबरपुर स्थित प्राइमरी स्कूल में प्रधानाचार्या हैं। कार्तिकेय तीन बहन भाइयों में मंझला था। उसने 2018 में एमआईईटी से बीटेक किया था। 

परिजनों ने बताया कि कार्तिकेय ने करीब छह माह पूर्व अमेरिका में फियोनिक्स शहर स्थित एरिजोना स्टेट विश्वविद्यालय में एमएस (मेकेनिकल) कोर्स में दाखिला लिया था। परिजनों को कार्तिकेय की मौत की खबर 12 अक्तूबर को मिली थी। परिजन शव को अमेरिका से लाने के लिए दिल्ली दूतावास में चक्कर लगा रहे थे। काफी प्रयास के बाद शव दिल्ली पहुंचा और परिजनों को सौंपा गया। परिजन शव लेकर गंगा नगर आवास पर पहुंचे। पूर्व मंत्री प्रशांत गौतम, रालोद नेता नरेंद्र खजूरी, पूर्व चेयरमैन हिटलर त्यागी, बसपा नेता दिनेश गाजीपुर, कुलदीप प्रधान और एडवोकेट सुखबीर सिंह ने आवास पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।
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होनहार छात्र था कार्तिकेय
परिजनों ने बताया कि कार्तिकेय होनहार छात्र था। माता पिता व क्षेत्र का नाम रोशन करने का सपना लेकर शिक्षा ग्रहण करने अमेरिका गया था। मां अनीता रानी, पिता महेश चंद, बहन मनीषा वर्मा, ताऊ बिशनपाल के अलावा अन्य परिजनों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे। 

अमेरिका में रह रहे भारतीयों ने की मदद 
कार्तिकेय की बहन मनीषा वर्मा गुरुग्राम स्थित निजी कंपनी में कार्य करती हैं। उन्होंने बताया कि सरकार के नुमाइंदों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन कोई खास मदद नहीं मिली। अमेरिका में रह रहे भारतीयों ने शव लाने में उनकी सहायता की। 

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बैंक यूनियन ने शोक व्यक्त किया 
यूनियन बैंक की सभी शाखाओं के प्रबंधक, यूपी बैंक एंप्लाइज यूनियन, यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन, एससी एसटी बैंक यूनियन, एआईबीए के अधिकारी सूरजकुंड और उनके आवास पर पहुंचे व परिजनों को सांत्वना दी।
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