होनहार छात्र था कार्तिकेय
परिजनों ने बताया कि कार्तिकेय होनहार छात्र था। माता पिता व क्षेत्र का नाम रोशन करने का सपना लेकर शिक्षा ग्रहण करने अमेरिका गया था। मां अनीता रानी, पिता महेश चंद, बहन मनीषा वर्मा, ताऊ बिशनपाल के अलावा अन्य परिजनों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे।
अमेरिका में रह रहे भारतीयों ने की मदद
कार्तिकेय की बहन मनीषा वर्मा गुरुग्राम स्थित निजी कंपनी में कार्य करती हैं। उन्होंने बताया कि सरकार के नुमाइंदों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन कोई खास मदद नहीं मिली। अमेरिका में रह रहे भारतीयों ने शव लाने में उनकी सहायता की।
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बैंक यूनियन ने शोक व्यक्त किया
यूनियन बैंक की सभी शाखाओं के प्रबंधक, यूपी बैंक एंप्लाइज यूनियन, यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन, एससी एसटी बैंक यूनियन, एआईबीए के अधिकारी सूरजकुंड और उनके आवास पर पहुंचे व परिजनों को सांत्वना दी।