गुड्स एंड सर्विस टैक्स इंटेलिजेंस महानिदेशालय (डीजीजीआई) की मेरठ आंचिलक इकाई ने बरेली स्थित एक प्रतिष्ठित नमकीन निर्माता कंपनी की फैक्टरी पर छापेमारी की। मौके पर दो करोड़ रुपये की जीएसटी का भुगतान कराया।
सर्च अभियान के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कंपनी अपने नमकीन को गलत वर्ग में वर्गीकृत करके कम जीएसटी का भुगतान कर रही है और इस हथकंडे को अपना कर कंपनी ने पांच करोड़ से अधिक के कर का अपवंचन किया।
डीजीजीआई के अधिकारियों ने बताया कि नमकीन पर जीएसटी की दर पांच एवं 12 प्रतिशत है जो कि क्रमश: अनब्रांडेड और ब्रांडेड नमकीन की दरें है। यह कंपनी अपनी नमकीन को पांच फीसदी की जीएसटी की दर पर निकाल रही थी, जबकि उन्हें यही नमकीन 12 प्रतिशत पर निकालनी थी। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने बयान भी दर्ज किए, जिसमें कंपनी के निदेशक ने अपनी गलती को स्वीकार किया और मौके पर ही दो करोड़ रुपये जीएसटी का भुगतान चालान के माध्यम से किया।