मेरठ जिला अस्पताल में बुजुर्गों की परवाह के लिए बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाए गए हैं। करीब पांच वर्ष पहले दस बेड का जिरियाट्रिक केयर वार्ड (वृद्धावस्था देखभाल वार्ड) बनाया गया। अलग से ओपीडी चलाने का प्रचार-प्रसार किया गया, मगर खाली पड़ा वार्ड गवाही दे रहा है कि धरातल पर कुछ नहीं है।
स्टाफ न होने के कारण इस वार्ड में मरीज भर्ती नहीं किए जा रहे हैं। अक्तूबर 2017 में इस वार्ड को चालू किया गया था, लेकिन इसके लिए स्टाफ ही नहीं मिला। इस वजह से कुछ दिन बाद ही यहां मरीज भर्ती होने बंद हो गए। दूसरी तरफ, जिला अस्पताल में बुजुर्गों के लिए अलग से ओपीडी भी नहीं चली। यहां मनोरंजन और अध्यात्म के लिए म्यूजिक और टीवी भी लगाए जाने की योजना थी। यह व्यवस्था भी परवान नहीं चढ़ सकी है।
60 साल से ज्यादा उम्र के मरीजों की होनी है देखभाल
इस वार्ड में 60 साल से ज्यादा उम्र के मरीजों की देखभाल की जानी है। यह वार्ड राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत तैयार किया गया है। जिला अस्पताल में रेडियोलॉजी विभाग के सामने बनी नई बिल्डिंग में प्रथम तल पर इसे बनाया गया है, क्योंकि बुजुर्ग होने के कारण उन्हें सीढ़ियां चढ़ने में दिक्कत आएगी।
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