कुछ घंटे में ही 1300 से ज्यादा लोगों ने इस पोस्ट को शेयर किया है और 14 हजार लाइक आए हैं। ढाई हजार से ज्यादा लोगों ने अखलाक की इस पोस्ट पर कमेंट किए हैं।
इनमें से अधिकांश ने अखलाक को ओवैसी की पार्टी ज्वाइन करने की सलाह भी दी है। अखलाक 2004 में मेरठ से बसपा के टिकट पर सांसद चुने गए थे। वह शहर के मेयर भी रहे हैं। 2009 में अखलाक ने सेक्युलर एकता पार्टी बनाकर लोकसभा चुनाव लड़ा। 2014 में वह बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे। इन दोनों ही चुनावों में अखलाक ने विपक्षी प्रत्याशियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दीं जिसका लाभ भाजपा को मिला।
चाहने वालों से करेंगे राय-मशविरा
पूर्व सांसद हाजी शाहिद अखलाक ने कहा कि वह किसी पार्टी में नहीं जा रहे हैं। अपने चाहने वालों से अगले सियासी कदम के बारे में राय-मशविरा करेंगे। इसके लिए वह बिरादरी के लोगों और समर्थकों की एक मीटिंग जल्द ही बुलाएंगे। उन्होंने कहा कि ओवैसी से उनकी इस संबंध में बात नहीं हुई है, लेकिन वह उनके अच्छे दोस्त हैं। उनके कुछ लोग संपर्क में हैं। 2005 में ओवैसी एक समारोह में उनके घर भी आए थे।