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सियासी हलचल: असदुद्दीन ओवैसी के साथ जा सकते हैं शाहिद अखलाक, चाहने वालों से करेंगे राय-मशविरा 

Sun, 17 Oct 2021 11:33 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

पूर्व सांसद हाजी शाहिद अखलाक की एक फेसबुक पोस्ट ने सियासी हलचल तेज कर दी है। इस पोस्ट के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि शाहिद अखलाख ओवैसी की पार्टी में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, शाहिद अखलाक ने कहा कि वह किसी पार्टी में नहीं जा रहे हैं। अपने चाहने वालों से अगले सियासी कदम के बारे में राय-मशविरा करेंगे। 
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पूर्व सांसद हाजी शाहिद अखलाक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ से पूर्व सांसद हाजी शाहिद अखलाक की एक फेसबुक पोस्ट के बाद शनिवार को सियासी हलकों में बेचैनी बढ़ गई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि 2022 के विधानसभा चुनावों के लिए अखलाक ओवैसी की पार्टी में शामिल हो सकते हैं। अखलाक ने पोस्ट में अपने साथ ओवैसी की तस्वीर लगाते हुए लिखा है कि मुसलमानों के लिए अब दरी बिछाने का नहीं, सत्ता में भागीदारी का वक्त है। 

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 हाजी शाहिद अखलाक ने आजम खां को जेल भेजने के मामले में विपक्षी पार्टियों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने लिखा है कि सेक्युलर पाटिर्यों को मुसलमान नेता नहीं, सिर्फ वोट चाहिए। क्या मुसलमानों को वोट के बदले इन पार्टियों को गारंटी देनी पड़ेगी कि मुजफ्फरनगर जैसे दंगे नहीं होंगे। अब वक्त आ गया है कि मुसलमान दूसरे दलों की दरी बिछाने के बजाय सत्ता में भागीदारी की मांग करें। अखलाक के यह तेवर सियासत से जुड़े लोगों के बीच चर्चाओं में हैं। उनकी यह पोस्ट खूब वायरल हो रही है। 

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कुछ घंटे में ही 1300 से ज्यादा लोगों ने इस पोस्ट को शेयर किया है और 14 हजार लाइक आए हैं। ढाई हजार से ज्यादा लोगों ने अखलाक की इस पोस्ट पर कमेंट किए हैं। 

इनमें से अधिकांश ने अखलाक को ओवैसी की पार्टी ज्वाइन करने की सलाह भी दी है। अखलाक 2004 में मेरठ से बसपा के टिकट पर सांसद चुने गए थे। वह शहर के मेयर भी रहे हैं। 2009 में अखलाक ने सेक्युलर एकता पार्टी बनाकर लोकसभा चुनाव लड़ा। 2014 में वह बसपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे। इन दोनों ही चुनावों में अखलाक ने विपक्षी प्रत्याशियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दीं जिसका लाभ भाजपा को मिला। 

चाहने वालों से करेंगे राय-मशविरा 
पूर्व सांसद हाजी शाहिद अखलाक ने कहा कि वह किसी पार्टी में नहीं जा रहे हैं। अपने चाहने वालों से अगले सियासी कदम के बारे में राय-मशविरा करेंगे। इसके लिए वह बिरादरी के लोगों और समर्थकों की एक मीटिंग जल्द ही बुलाएंगे। उन्होंने कहा कि ओवैसी से उनकी इस संबंध में बात नहीं हुई है, लेकिन वह उनके अच्छे दोस्त हैं। उनके कुछ लोग संपर्क में हैं। 2005 में ओवैसी एक समारोह में उनके घर भी आए थे। 
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