विधानसभा चुनाव से कुछ ही दिन पहले पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हुए पूर्व एमएलसी हरपाल सैनी ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी को अलविदा कह दिया।हरपाल सैनी ने शास्त्री नगर स्थित अपने आवास पर मीडिया से वार्ता करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के लिए जी जान लगाई और सरधना सीट पर जीत भी दिलाई।
उन्होंने कहा कि मैं 35 साल से पश्चिम उत्तर प्रदेश की राजनीति में लगातार सक्रिय रहा हूं। मैं सदन में विधान परिषद में दल का नेता रहा। विभिन्न समितियों के सभापति रहने का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ। सदन में जब भी रहा तो अति पिछड़ों की आवाज बुलंद करता रहा। चुनाव से पहले मैंने भाजपा को छोड़कर गलती की। सपा में लोगों ने प्रतिष्ठा, सम्मान देने का वादा किया था। मैंने कभी किसी पार्टी में पद के लिए काम नहीं किया। एक कार्यकर्ता, एक सेवक के रूप में काम करता रहा। भाजपा में भी एक कार्यकर्ता की हैसियत से मैंने काम किया था।
यह भी पढ़ें: सीएम योगी का आदेश नहीं मानते ये अफसर: अमर उजाला के कैमरे में कैद हुईं खाली कुर्सियां, सबूत हैं 20 तस्वीरें
सरधना विधानसभा के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने मुझे जिम्मेदारी दी थी कि अतुल प्रधान को जिताना है। अति पिछड़ों के हजारों लोगों की रैली कर मैंने अतुल प्रधान को सरधना से विधायक बनवाया। यह हमारी चूक रही है। सरधना से विधायक बनने के बाद अतुल प्रधान ने सरधना क्षेत्र की गरीब जनता का उत्पीड़न शुरू कर दिया है, जिनकी शिकायत मेरे पास तक पहुंच रही हैं।
यह भी पढ़ें: खतरे में मासूमों की जान: गजब है हाल, ट्रक के नंबर पर स्कूल वाहन, बिना फिटनेस के दौड़ रहीं 461 बसें, पढ़ें खास रिपोर्ट
समाजवादी पार्टी सम्मानीय कार्यकर्ताओं की पार्टी नहीं है। यह केवल चापलूसों और दागियों की पार्टी है। मेरा इस पार्टी से मोहभंग हो गया है। हमने पिछड़े समाज की सेवा के लिए समाजवादी पार्टी छोड़ने का फैसला किया है। मैं फिलहाल किसी पार्टी को ज्वॉइन नहीं करूंगा। अति पिछड़ा समाज जो फैसला करेगा उस फैसले के साथ ही हमारा निर्णय होगा। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती पर भी निशाना साधा और कहा कि वह अब गरीबों की हित कारी नहीं रही है।