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गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड में दर्ज हुआ नाम, एक बार फिर इतिहास से जुड़ गया हस्तिनापुर

Thu, 30 Jul 2020 04:24 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड में दर्ज हुआ वन विभाग का नाम - फोटो : अमर उजाला
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गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड में नाम दर्ज होने से मेरठ वन विभाग के कर्मचारी बेहद खुश हैं। इसी के चलते एक बार फिर हस्तिनापुर का नाम इतिहास से जुड़ गया है। हस्तिनापुर में 28 जुलाई को वन विभाग द्वारा प्रतियोगिता कराई गई थी। वन विभाग की टीम ने 55 मिनट में 30 प्रजाति के 360 पौधों का वृक्षारोपण किया था।

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डीएफओ आदिती शर्मा ने बताया कि एक घंटे में सबसे ज्यादा प्रजाति के वृक्ष रोकने का वर्ल्ड रिकॉर्ड वन विभाग ने बना लिया है। इसका सर्टिफिकेट भी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड द्वारा विभाग को दिया गया है।

प्रदेश के आठ जिलों में मंगलवार को एक घंटे में 240 प्रजातियों के 2880 पौधे रोपे जाने का विश्व रिकॉर्ड बनाया गया। आठ जिलों में मेरठ के अलावा लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी, अयोध्या, गौतमबुद्धनगर, बांदा और चित्रकूट शामिल थे। हस्तिनापुर में वन विभाग की ओर से 55 मिनट में 30 प्रजातियों के 360 पौधे रोपे गए। प्रतियोगिता की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी लखनऊ भेजी दी गई है। इस रिकॉर्ड को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल करने के लिए भेजा गया था। 
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हस्तिनापुर के राजकीय पशुधन कृषि क्षेत्र की भूमि पर पौधे लगाए गए। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर से सीसीएसयू के विभागाध्यक्ष प्रो. रूपनारायण, प्रो. विजय मलिक एवं कृषि विवि के प्रोे. सुनील मलिक मौजूद रहे। वन विभाग के मुख्य संरक्षक एनके जानू, डीएफओ अदिति शर्मा ने प्रतियोगिता शुरू कराई थी। 

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वन विभाग को एक घंटे में 30 विभिन्न प्रजातियों के 360 पौधे रोपने का लक्ष्य मिला था। इसमें गड्ढा खोदना, पौधे लगाना, सिंचाई करना शामिल था। इसके लिए वन विभाग की 15 टीमें लगाई गईं थी। प्रत्येक टीम में दो कर्मचारी शामिल थे। इनमें एक पौधरोपण कर रहा था तो दूसरा वीडियोग्राफी के साथ फोटो खींच रहा था। टीमों ने समय से पांच मिनट पहले ही सभी पौधे रोप दिए थे। 

- 30 लाइनों में रोपे पौधे 
कर्मचारियों ने कुल 30 लाइनों में पौधरोपण किया था। प्रत्येक लाइन में 12 पौधे लगाए गए थे। 10:44 बजे पौधरोपण का कार्य पूरा हो गया। दो मिनट में टीम ने अपनी वीडियोग्राफी फोटोग्राफी करने की सीट को लॉक किया। इसके बाद 10:45 बजे पौधों की सिंचाई का कार्य शुरू किया गया जो टीम ने 10 मिनट में ही पूरा कर लिया था।

- ये फलदार पौधे रोपे गए
वन विभाग अधिकारियों के अनुसार प्रतियोगिता में नीम, कचनार, सिंबल, केसिया ग्लुका, नागकेसर, रेशम रुई, चक्रएशिया, किन्नू, चकोतरा, नींबू घास, गोल्ड मोह, गोल्डन केनपाम, रुद्राक्ष, गोरी चोरी, लैला मजनू, फाइकस बेंजामिन, अंजीर, पाकड़, तमाल, लेटिनापॉम, गुड़हल, लीची, नाशपाती जामुन रीठा चीड़ अशोक, अंगूर बेल, सहजन आदि के पौधे रोपे गए थे।

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