11208 लोगों ने लगवाई कोरोना से बचाव की वैक्सीन
कोरोनारोधी टीकाकरण लगातार जारी है। बृहस्पतिवार को 11208 लोगों ने कोरोना से बचाव का टीका लगवाया। इनमें 12 से 14 साल उम्र वाले और 15 से 17 साल उम्र वाले 6960 ने टीका लगवाया। 18 साल से ज्यादा उम्र के लोग शामिल हैं। साथ ही तीसरा टीका (प्रिकॉशन डोज) भी लगाया जा रहा है।
उधर, एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज का हाल बेहाल है। कहने को तो इसे एम्स जैसा बनाने के दावे किए जाते हैं, मगर हकीकत में यहां सामान्य सरकारी अस्पताल जैसे भी हालात नजर नहीं आते हैं। इलाज के लिए मरीज और तीमारदार परेशान हैं। सीटी स्कैन मशीन एक सप्ताह से खराब है, उसे अभी तक ठीक नहीं कराया गया।
हजारों रुपये लगाकर लोगों को निजी लैब में जांच करानी पड़ रही है। जो दवाइयां डॉक्टर लिखते हैं, उनमें से आधी से ज्यादा दवाइयां लोगों को बाहर के मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही हैं।
389 तरह की दवाएं हैं कम, 44 डॉक्टरों की कमी
मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है और दवाओं का टोटा है। 839 तरह की दवाएं रजिस्टर्ड हैं, जिनमें से वहां इन दिनों 450 तरह की दवाएं उपलब्ध हैं। 389 प्रकार की दवाएं नहीं हैं। खासकर सर्जिकल में इस्तेमाल होने वाली दवाएं। 44 चिकित्सा शिक्षकों की कमी है।
फार्मेसी, मेडिसिन, रेडियोथैरेपी, रेडियोडायग्नोसिस, ह्यूमन मेटाबोल्जिम, ईएनटी, गायनोकोलोजी, फार्माकोलोजी, फोरेंसिक मेडिसिन, न्यूरोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी में भी पद खाली चल रहे हैं।
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