मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हठ योग का स्वरूप व साधना और बाबा रामदेव की योग साधना एवं योग चिकित्सा रहस्य पुस्तक अब दर्शनशास्त्र के छात्र-छात्राओं को योग के दर्शन कराएंगी। उर्दू में गीतकार कुंवर बेचैन और शायर बशीर बद्र का साहित्य हिंदी में पढ़ने को मिलेगा। फिजिक्स में आर्य भट्ट सरीखे वैज्ञानिकों के बारे में अब बीएससी के छात्र-छात्राओं को पहले साल में ही पढ़ाया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सत्र 2021-22 के लिए हुई बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में नए पाठयक्रम पर मुहर लग गई है।
बीए उर्दू में इस्माइल मेरठी समेत पश्चिमी यूपी के सात साहित्यकार शामिल
हिंदी के पाठयक्रम में पश्चिमी यूपी के सात साहित्यकारों के गीत-गजल शामिल की गई है। कैंपस में नए सत्र से बीए उर्दू कोर्स भी शुरू हो जाएगा। कैंपस और कॉलेजों में पाठ्यक्रम एक समान रहेगा। बीए उर्दू के नए सिलेबस में गीतकार कुंवर बेचैन, शायर इस्माईल मेरठी, शायर बशीर बद्र, साहित्यकार विष्णु प्रभाकर और सुदामा पांडे ‘धूमिल’ की रचनाएं पढ़ाई जाएंगी।
बीए उर्दू विषय के पाठ्यक्रम में उर्दू के साथ-साथ हिंदी पत्रकारिता को भी शामिल किया गया है। आईटी पाठ्यक्रम को भी स्थान दिया गया है, जिससे उर्दू पढ़ने-लिखने वाले विद्यार्थी कंप्यूटर और उसकी तकनीक से लाभान्वित होंगे। उर्दू फांट और प्रमुख वेबसाइटों के साथ-साथ हिंदी के प्रमुख फांट कृति देव और प्रमुख हिंदी वेबसाइट का भी अध्ययन कर सकेंगे।
उर्दू पाठ्यक्रम में नए-पुराने, उत्तर-पूर्व यूपी एवं स्थानीय साहित्यकारों को प्रमुखता दी गई है। पाठ्यक्रम में शामिल नज्म-नस्र (पद्य-गद्य) के उर्दू-हिंदी के साहित्यकारों में गालिब, अल्लामा इकबाल, मीर, पंडित दया शंकर नसीम, मिर्जा सलामत अली दबीर, इंतजार हुसैन, सर सैयद, प्रेमचंद के अलावा नए सत्र से इस्माईल मेरठी और बशीर बद्र के साहित्य को भी शामिल किया गया है। हिंदी में अमीर खुसरो, कबीरदास, रहीम, प्रेमचंद एवं नए सत्र से विष्णु प्रभाकर, कुंवर बेचैन और सुदामा पांडे ‘धूमिल’ को शामिल किया गया है।
बैठक में प्रो. नवीन चंद्र लोहनी, कला संकाय अध्यक्ष, प्रो. असलम जमशेदपुरी, उर्दू विभागाध्यक्ष, सीसीएसयू, डॉ. हुमा मसूद, प्राचार्य, इस्माईल डिग्री कॉलेज, प्रो. शबनम हमीद, इलाहाबाद यूनिवर्सिटी, प्रो. कौसर मजहरी, जामिया मिलिया इस्लामिया, प्रो. कमरूल हुदा फरीदी, एएमयू एवं विभाग के शिक्षक डॉ. इरशाद अली और डॉ. अलका वशिष्ठ मौजूद रहीं।