अवैध और नकली शराब की बिक्री नहीं रुकने से शासन ने सख्ती बरती है। ऐसे मामलों से बचने के लिए नई योजना बनाई गई है। इसी के तहत सभी शराब विक्रेताओं को आबकारी विभाग संयुक्त प्रांप आबकारी अधिनियम की संशोधित धारा 60क से न केवल अवगत कराएं बल्कि इससे जुड़ी नियमावली दुकान पर चस्पा होगी। नियमावली के तहत अवैध व नकली शराब बेचने पर उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान है।
जानी का मीरपुर जखेड़ी गांव हो या फिर रोहटा का डूंगर गांव, दोनों ही जगह अवैध शराब से हुई संदिग्ध मौत के बाद आबकारी विभाग को किरकिरी झेलनी पड़ी। इसके अलावा भी प्रदेश में कई जगह ऐसे ही मामले सामने आ चुके हैं जिसने अवैध शराब के विरुद्ध चलाई जा रही विभागीय मुहिम की पोल खोलने का काम किया।
कई जगह लाइसेंसी दुकानों से अवैध शराब बेचे जाने की भी शिकायत मिली। शासन ने इन घटनाओं पर गंभीरता दिखाई है और सख्त निर्देश दिए हैं। अपर मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेशों में संयुक्त प्रांत आबकारी अधिनियम की संशोधित धारा 60क और उत्तर प्रदेश आबकारी नियमावली 2002 में किए गए सजा के प्रावधानों से लाइसेंसी शराब विक्रेता को अवगत कराए जाने के लिए कहा गया है।
यह भी पढ़ें: खुशी के वक्त टूट पड़ी आफत, दुल्हन की विदाई से पहले बिगड़ी 40 बरातियों की हालत, तस्वीरें
मेरठ जनपद के सभी 471 दुकानदारों को आबकारी निरीक्षक नियमावली से अवगत करा रहे हैं। इस नियमावली को दुकान पर भी चस्पा करना है। जिला आबकारी अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि धारा 60क में सख्त सजा का प्रावधान है। अवैध शराब पीने के बाद अगर किसी की मृत्यु होती है या फिर उसको शारीरिक नुकसान होता है तो ऐसे में अवैध शराब बेचने वाले को उम्र कैद की सजा का भी प्रावधान है। नियमावली चस्पा करने का उद्देश्य दुकानदारों की जिम्मेदारी तय करना है।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/