मेरठ में दिल्ली रोड पर हादसा होने से बचा।
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दिल्ली से मेरठ तक रैपिड रेल कॉरिडोर निर्माण के चलते गुरुवार को बड़ी दुर्घटना होने से बच गई। मोहिउद्दीनपुर स्थित खरखौदा तिराहे के पास इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पास पांच टन सरिये का ढांचा ढह गया। सड़क पर ढांचा गिरते ही अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गाजियाबाद से आ रही रोडवेज बस और कार बाल-बाल बच गईं। एनसीआरटीसी ट्रैफिक मार्शल ने यातायात को रोककर क्रेन बुला ली। कड़ी मशक्कत के बाद चार क्रेन की मदद से ढांचे को खड़ा किया गया।
रैपिड रेल के पिलर खड़ा करने से पहले सरिये का ढांचा खड़ा किया जाता है। एनसीआरटीसी अधिकारियों का कहना है कि एक शटरिंग स्थापित करने के दौरान एक केज रिन्फोर्मेंट फिसल कर सड़क के एक तरफ गिर पड़ा। इसके बाद क्रेन से उठाकर बैरिकेडिंग जोन में वापस लाया गया। 22 फीट ऊंचे ढांचे को स्टील प्लेट की सहायता से खड़ा किया जा रहा था। उसी दौरान स्टील प्लेट गिर जाने से सरिये का ढांचा सड़क पर जा गिरा। कार्यदायी कंपनी एलएंडटी के कर्मचारी भी बाल-बाल बचे। स्थानीय पुलिस ने पहुंचकर यातायात को रोककर कार्य शुरू कराया। दिल्ली रोड पर घटना होने के चलते यातायात भी बाधित हुआ।
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पलभर में लग जाता एनसीआरटीसी पर दाग
दो वर्ष से रैपिड रेल का कार्य दिल्ली से लेकर मेरठ तक बीच सड़क पर किया जा रहा है। 82 किमी की साइट पर एक भी दिन निर्माण के समय कोई हादसा नहीं हुआ है। रैपिड रेल का निर्माण बिना किसी यातायात को बाधित किए किया जा रहा है। रात के समय डायवर्जन के लिए लाइट रिफ्लेक्टर का उपयोग किया जा रहा है। रात के समय सड़क के एक तरफ डायवर्जन भी कर दिया जाता है। अगर ये ढांचा किसी वाहन के ऊपर गिर जाता, तो एनसीआरटीसी पर भी सवाल उठ जाते।
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सरिये का ढांचा गिरने पर तुरंत साइट इंजीनियरों से वार्ता की गई। उनके द्वारा बताया गया है कि कोई बड़ी बात नहीं हुई है। एक तरफ से ढांचा बंधा हुआ था। धीरे-धीरे ये नीचे की तरफ झुकता चला गया। हालांकि, इसका वजन पांच टन के आसपास है।
- पुनीत वत्स, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, एनसीआरटीसी