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दरोगा की सड़क हादसे में मौत, पत्नी का ऑपरेशन कराने के लिए छुट्टी लेकर आ रहे थे घर

Fri, 27 Sep 2019 01:42 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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दरोगा का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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बुलंदशहर गुलाहवटी में अज्ञात वाहन की टक्कर लगने से बुलेट सवार दरोगा की मौत हो गई। वह अपनी पत्नी का इलाज कराने के लिए कंकरखेड़ा न्यू गोविंदपुरी अपने घर आ रहे थे कि इसी बीच रास्ते में हादसा हो गया। गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। 

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परिजनों ने बताया कि निधिकांत (37) पुत्र स्व: चरण सिंह मूल रूप से मुलकपुर सैनी मवाना रोड के रहने वाले थे। 2015 में वह पुलिस में दरोगा के पद पर भर्ती हुए थे। परिवार में वे तीन भाई थे। उनका बड़ा भाई सूर्य प्रकाश प्रोफेसर है और छोटा भाई डॉ. अवधेश कुमार अस्सिटेंट प्रोफेसर है। पिता सिंचाई विभाग से रिटायर्ड थे। मां स्व: रेश्म देवी हाउस वाइफ थी। 

परिजनों ने बताया कि निधिकांत की शादी 2013 में पत्नी लता से हुई थी। शादी के बाद दंपती के पांच साल की एक बेटी आयुक्ता है। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी लता के पित्त की थैली में पथरी है। जिसका इलाज चल रहा था। लेकिन आराम नहीं लगा तो चिकित्सकों ने ऑपरेशन के लिए बोला था। निधिकांत छुट्टी लेकर पत्नी का ऑपरेशन कराने के लिए आ रहे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि रास्ते में मौत उनका इंतजार कर रही थी। हादसे में पति की मौत के बाद पत्नी भी अपने आप व अपनी बीमारी को कोश रही थी। बार- बार यही कही रही थी कि अब तुम्हारे बिना मैं कैसे जीऊंगी। परिवार के लोगों का रो- रोकर बुरा हाल है। देर शाम नंदपुरी श्मशान घाट में दरोगा के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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एक माह पहले आए थे परिवार से मिलने 
परिजनों ने बताया कि निधिकांत 2014 में पुलिस में दरोगा के पद पर भर्ती हुए थे। तभी से अब तक सभी जगह बाहर ही पोस्टिड रहे। कभी कभार ही घर पर परिवार से मिलने आते थे। करीब एक माह पूर्व तीन दिन की छुट्टी लेकर परिवार से मिलने आए थे। उसके बाद अब घर आ रहे थे कि सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई। 

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खुश दिल और कुशल व्यवहार के थे निधिकांत 
वहीं परिजनों ने बताया कि निधिकांत खुश दिल और कुशल व्यवहार के इंसान थे। पुलिस में भर्ती होने के बाद भी उनके व्यवहार में कोई फर्क नहीं आया। मौहल्ले के लोगों से काफी अच्छा मेल जोल था।

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