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MEERUT: जिले के 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हुई बड़ी शुरुआत, अब मिलेंगी ये सुविधाएं, पढ़ें खास रिपोर्ट

Fri, 07 Oct 2022 12:28 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

यूपी में इस जिले के 12 ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर छह-छह बेड की मदर न्यू बोर्न केयर यूनिट शुरू की गई हैं। खास बात है कि अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ही एमएनसीयू की सुविधा मिलेगी।
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नवजात। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अब देहात की महिलाओं को शहर के सरकारी अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, उन्हें क्षेत्रीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ही एमएनसीयू की सुविधा मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर यह सुविधा देने वाला मेरठ प्रदेश का पहला जिला है। 

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मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि सरकार का प्रयास है कि अब तक सिर्फ जिला स्तर पर मुहैया कराई जा रहीं सुविधाएं ब्लॉक स्तर पर भी उपलब्ध हो सकें। इससे जिला स्तरीय चिकित्सालयों पर काम का बोझ थोड़ा कम होगा।

चिकित्सालयों में उपलब्ध सुविधाओं की गुणवत्ता और बेहतर हो सकेगी। उन्होंने बताया कि जिला महिला चिकित्सालय में सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों मवाना, दौराला और सरधना में न्यू बोर्न स्टेबलाइज यूनिट थी। 
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अब एमएनसीयू सभी सीएचसी पर शुरू की गई है। इसमें कमजोर, बीमार और समय से पूर्व जन्मे बच्चों को जरूरी उपचार अपनी मां के साथ रहते हुए मिल सकेगा। एमएनसीयू कंगारू मदर केयर यूनिट के रूप में काम करेंगी। इसके लिए 54 स्टाफ नर्स को प्रशिक्षण दिया गया है। 

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मां का पहला दूध कुदरती टीके जैसा 
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विश्वास चौधरी ने बताया कि नवजात की अच्छी ग्रोथ के लिए मां का स्पर्श जरूरी है। एमएनसीयू में एएनएम प्रसूताओं को स्तनपान कराने में भी मदद करेंगी और उन्हें जन्म के पहले घंटे में स्तनपान का महत्व भी समझाएंगी।

मां का पहला गाढ़ा और पीला दूध शिशु के लिए कुदरती टीके काम करता है, इसलिए प्रसव के एक घंटे में स्तनपान बहुत जरूरी है। लेकिन जागरूकता के अभाव में बहुत कम बच्चों को ही पहले घंटे में स्तनपान कराया जाता है। 

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शिशु मृत्यु दर कम होगी 
सीएमओ का कहना है कि कमजोर नवजात तमाम कवायदों के बाद भी मौत के मुहाने तक पहुंच जाते हैं। इन्हें बचाने के लिए यह पहल की गई है। इसमें मां अपने नवजात शिशु की पूरी देखभाल के साथ उसकी कंगारू थैरेपी की तरह स्वास्थ्य लाभ दे सकेगी। कंगारू थेरेपी खासकर उन नवजात के लिए वरदान है जो समय से पहले जन्म ले लेते हैं।
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