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Meerut Murder Case: पुलिस ने उखाड़ा टेंट, नहीं होने दी महापंचायत, आयोजक किए गए नजरबंद, ये है पूरा मामला

Sat, 15 Apr 2023 09:55 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ

सार

Meerut Murder Case : पुलिस ने महापंचायत नहीं होने दी और टेंट उखाड़ दिया। इसके बाद पुलिस ने आयोजकों को नजरबंद कर दिया। जानिए आखिर पूरा मामला क्या है।
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हंगामा करते लोग। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ में हस्तिनापुर के पलड़ा गांव में विशु हत्याकांड के मामले में दादरी में बुलाई गई महापंचायत पुलिस ने सफल नहीं होने दी। दिन निकलते ही भारी तादात में पुलिस बल गांव में पहुंच गया और महापंचायत के लिए लगाए गए टेंट को उखाड़कर कब्जे में ले लिया। साथ ही महापंचायत के आयोजक जिला पंचायत सदस्य उर्मिला के बेटे अंकित मोतला को घर के अंदर ही नजरबंद कर दिया गया। दोपहर बाद अपनी मांगों को लेकर ग्रामीणां ने छह सूत्रीय ज्ञापन सीओ दौराला को सौंपा।

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दरअसल, विशु हत्याकांड प्रकरण में शनिवार को दादरी में महापंचायत बुलाई गई थी। महापंचायत को सफल बनाने के लिए अंकित मोतला कई दिनों से जनसंपर्क कर रहे थे। इसके लिए शुक्रवार रात टेंट भी लगा दिया गया। 

बताया गया कि दोपहर के समय पंचायत होनी थी, लेकिन शनिवार सुबह ही भारी संख्या में पुलिस बल गांव में पहुंच गया। पुलिसकर्मियों ने सबसे पहले टेंट को उखाड़ फेंका। इससे पहले कि ग्रामीण कुछ समझ पाते पुलिस ने उन लोगों को भी हिरासत में ले लिया, जो महापंचायत की तैयारियों में लगे हुए थे। उन्हें दादरी चौकी पर बैठाकर रखा गया। इसके अलावा अंकित मोतला के मकान के बाहर भी पुलिस बल तैनात रहा। जिन्हें मकान से बाहर नहीं निकलने दिया गया।
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महापंचायत में आने वालों को भी लौटाया वापस
गांव के बाहर भी पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया था। दोपहर के समय आसपास के गांव के कुछ लोग महापंचायत में शामिल होने के लिए जा रहे थे, लेकिन वहां पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाकर वापस भेज दिया। जिस कारण कोई भी व्यक्ति महापंचायत स्थल तक पहुंच नहीं सका।

सीओ को सौंपा ज्ञापन
सीओ दौराला अभिषेक पटेल भी गांव में पहुंचे और आयोजकों को समझाया। इसके बाद आयोजकों की तरफ से छह सूत्रीय ज्ञापन सीओ को सौंपा गया, जिसमें विशु हत्याकांड के आरोपियों की जल्दी गिरफ्तारी समेत अन्य कई मांगे थी। ज्ञापन देने के बाद आयोजक भी शांत हो गए और पुलिस ने जिन लोगों को चौकी पर बैठाकर रखा था उन्हें भी छोड़ दिया गया।

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यह बोले आयोजक
पुलिस बल रात में ही गांव में पहुंच गया था, जिन्होंने महापंचायत नहीं होने दी। दोपहर के समय मकान से निकलकर जिम्मेदार लोगों के साथ बैठक की, जिसके बाद सीओ को ज्ञापन सौंपा गया। यदि मांग पूरी नहीं हुई तो 18 अप्रैल को पलड़ा में होने वाली महापंचायत में जोरशोर से भाग लेंगे।
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