कैपिटल अस्पताल का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) सोमवार को सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने निरस्त कर दिया। अब इस पर आवास विकास ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। इस अस्पताल में पांच दिसंबर को लिफ्ट हादसे में जच्चा करिश्मा की मौत हो गई थी।
सीएमओ ने बताया कि अस्पताल सील है, उसमें मरीज नहीं हैं। अस्पताल का पंजीकरण निरस्त करने से पहले जिलाधिकारी द्वारा गठित चार सदस्यीय टीम ने जांच की थी, जिसमें अस्पताल में तमामा खामियां मिलीं थीं। इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन से सात दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया था। स्पष्टीकरण मिला, मगर वह संतोषजनक नहीं है। उसमें जांच समिति द्वारा पाई गई कमियों के बारे में कोई उल्लेख नहीं है। न ही जांच समिति को कोई साक्ष्य उपलब्ध कराया गया था। लिहाजा तत्काल प्रभाव से पंजीकरण निरस्त कर दिया है। अस्पताल रिहायशी इलाके में बना है और आवास एवं विकास के मानकों के खिलाफ है। उन्हें भी निरस्तीकरण की रिपोर्ट भेज दी है।
यह है मामला
एल-ब्लॉक शास्त्रीनगर स्थित कैपिटल अस्पताल में पांच दिसंबर को लिफ्ट गिरने से सैन्यकर्मी अंकुश मावी की पत्नी करिश्मा हूण (30) की मौत हो गई थी। करिश्मा लिफ्ट के दरवाजे में स्ट्रेचर के साथ फंस गई थीं। इस मामले में करिश्मा के पति अंकुश ने रिपोर्ट लिखाई थी, जिसमें अस्पताल मालिक कपिल त्यागी व राजीव अग्रवाल, प्रबंधक नरेंद्र भड़ाना और डॉ. कविता भाटिया को नामजद किया गया था। इनमें से किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।