सीसएसयू के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने सर्केट हाउस में प्रेस कॉंफ्रेस की। इस दौरान चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को 14 दिन में गन्ना भुगतान कराने के लिए प्रतिबद्ध है। जो मिल 14 दिन में भुगतान नहीं करेगी उससे विलंब ब्याज दिलाया जाएगा।
चौधरी ने कहा कि 2002 से 2017 तक जितना गन्ना भुगतान हुआ था उससे अधिक भाजपा सरकार ने पिछले चार साल में करा दिया। योगी सरकार ने सर्वाधिक गन्ना मूल्य घोषित किया। चौधरी ने कहा कि सरकार किसानों के अच्छे दिन लाने के लिए मिलों की क्षमता वृद्धि कर रही है और बंद मिलो को चला रही है। एथनॉल में 9 फीसदी गन्ना इस्तेमाल हो रहा है, सरकार इसे 20 फीसदी तक करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि वे किसानों के दर्द को समझते हैं और उनसे संवाद करके ही गन्ना विभाग के फैसले लिए जाएंगे। फिलहाल सरकार का लक्ष्य 100 दिन में किसानों को 100 करोड़ भुगतान कराने का लक्ष्य है।
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किनौनी मिल की होगी जांच
चौधरी ने किनौनी मिल द्वारा चीनी बिक्री के 7 करोड़ रुपये के डायवर्जन पर कहा कि वे इस मामले की जांच कराएंगे। जो भी मिल चीनी भुगतान का डाइवर्जन करेगी उसके खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी।
अखिलेश की मस्जिद में नहीं कोई मूर्ति
पूर्व सीएम अखिलेश यादव के पत्थर और लाल कपड़े के मिलने पर मंदिर बनाने के बयान पर चौधरी बोले कि हमे तो पत्थर में भी भगवान दिखते है। नरसिंह भगवान भी पत्थर से ही निकले थे। अखिलेश की मस्जिद में कोई मूर्ति नहीं होती है, इसलिये वो ऐसा बयान दे रहे है।
प्राचीन काशी भगवान शिव की
ज्ञानवापी मामले में कहा कि काशी नगरी प्राचीन है और सबसे पुरानी सभ्यता है। ये भगवान शिव का घर है। यहां हर जगह शिव है। मामला कोर्ट में है।