वहीं, सरकारी अधिवक्ता सत्येंद्र कुमार ने बताया कि न्यायालय ने सभी आरोपियों को अंतरिम जमानत पर छोड़े जाने के आदेश पारित कर दिए हैं। आरोपियों के अधिवक्ता अनुज शर्मा ने बताया है कि समय अभाव के कारण न्यायालय ने सभी आरोपियों को 25-25 हजार के निजी मुचलका पर छोड़े जाने के आदेश देते हुए अंतरिम जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के लिए 15 जून की तिथि नियत की है
ये थे बैनर लगाने वाले आरोपी
भाजपा कार्यकर्ताओं शंभू पहलवान, सागर पोसवाल, कुलदीप मसूरी, अंकुर चौधरी, अमित भड़ाना और अमर शर्मा ने थाने पर बैनर लगाया था। दरअसल, शास्त्रीनगर के एक पारिवारिक विवाद में एक पक्ष की ओर से शुक्रवार दोपहर भाजपा कार्यकर्ता मेडिकल थाने पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि हंगामा करने पर भाजपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने थाने से भगा दिया। इस पर भाजपाइयों ने हंगामा करते हुए थाने में धरना-प्रदर्शन किया था। इसी दौरान भाजपाइयों ने मेडिकल थाने के गेट पर एक बैनर लगा दिया था। इस पर लिखा- मेडिकल थाने में भाजपा कार्यकर्ताओं का आना मना है।
यह भी पढ़ें: Murder: मोहब्बत से शादी तक पहुंचा रिश्ता, फिर मारपीट करने लगा पति, खाने के लिए नहीं देता था रोटी, देखें मर्डर की तस्वीरें
यह मामला संज्ञान में आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी भी की थी। इसके बाद इस घटना पर सियासत तेज हो गई थी।