हापुड़ रोड से दिल्ली रोड के लिए जुर्रानपुर रेलवे फाटक के पास रेलवे द्वारा हवा में पुल का निर्माण करीब 12 साल पहले किया गया था। इसके दोनों ओर अप्रोच रोड तैयार होनी है, जिसके लिए जमीन अधिग्रहण होगा, इस पर भारी भरकम खर्चा आएगा। मेडा की ओर से फिलहाल इसे होल्ड कर दिया गया है।
उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने बताया कि दिल्ली रोड को एनएच-58 से जोड़ने के लिए अब रिवाइज्ड डीपीआर तैयार कर ली गई है, इसमें 1150 मीटर सड़क निर्माण, रेलवे क्रॉसिंग होते हुए वेदव्यासपुरी के ऑयल डिपो से जोड़ी जाएगी। यहां 68 मीटर चौड़ी सड़क पहले से ही बनी है। इसमें करीब 30 करोड़ रुपए का खर्च आएगा।
वेदव्यासपुरी पर फोकस एसडीए भी होगा प्रभावित
मेडा का फोकस वेदव्यासपुरी योजना में है। इसमें निजी विकासकर्ता द्वारा भी शहर की बड़ी टाउनशिप विकसित की जा रही है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के नजदीक और एनएच-58 से सटे होने के कारण यहां विकास की काफी संभावनाएं हैं।
करीब 35 साल पुरानी योजना में काफी प्लॉट खाली हैं। दिल्ली रोड के वेदव्यासपुरी से होते हुए एनएच-58 से जुड़ने से योजना में बूम आना तय है। परतापुर के पास रैपिड कॉरिडोर के तहत स्पेशल डवलपमेंट एरिया (एसडीए) प्रभावित है, जिसमें मिश्रित भू-उपयोग होगा। व्यावसायिक, शैक्षिक, औद्योगिक, रिहाइश आदि सबकुछ इसमें होगा। बोर्ड बैठक में इसे मंजूरी दी जा चुकी है।