मेरठ के चहुंमुखी विकास के द्वार खुल गए हैं। मेडा की मेरठ महायोजना-2031 को शासन की मंजूरी मिल गई है। अब शहर से लेकर देहात तक सुनियोजित विकास की गंगा बहेगी। मेरठ विकास प्राधिकरण की सीमा में 305 नए गांवों को शामिल किया गया है। अब शासनादेश मिलते ही मेडा बोर्ड बैठक में इसे अंगीकार कर लागू कर देगा। इसके बाद एक क्लिक पर ही महायोजना के तहत जमीन का भू-उपयोग पता चल सकेगा।
मेरठ महायोजना- 2031 में 1043 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को शामिल किया गया है। यह महायोजना 2021 से लगभग दो गुना है। इसमें औद्योगिक क्षेत्र में 75 फीसदी, व्यावसायिक क्षेत्र में 96 फीसदी और आवासीय क्षेत्र में 50 फीसदी का इजाफा किया गया है। इसके तहत गांव में क्लस्टर बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य तेज हो सकेंगे।
विकास प्राधिकरण की सीमा में 305 नए गांव शामिल
महायोजना में हस्तिनापुर, मवाना, लावड़, बहसूमा, सरधना, किठौर व खरखौदा क्षेत्र के 305 गांवों को शामिल किया गया है। इसमें औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्र शामिल किया गया है। महायोजना में बहसूमा की संभावित जनसंख्या 28,614, लावड़ की 57,462, हस्तिनापुर की 71, 316, सरधना की 1 लाख 48 हजार 278 तथा मवाना की दो लाख 14 हजार 808 आंकी गई है।
हस्तिनापुर
औद्योगिक 8 56.85
व्यावसायिक 4 28.43
लावड़
औद्योगिक 6 34.36
व्यवसायिक 3.5 20.04
बहसूमा
औद्योगिक 8 22.81
व्यवसायिक 4 11.41