मेरठ में आठ साल के मासूम से यौन हिंसा के मामले में न्यायालय ने दोषी को दस वर्ष के कठोर कारावास और बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। यह कार्रवाई ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत की गई।
मेरठ में 'ऑपरेशन कनविक्शन' अभियान के तहत मवाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी लोकेंद्र को विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट न्यायालय ने दंडित किया है। उसे दस वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
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यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के आदेशों के अनुपालन में की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक ग्रामीण व क्षेत्राधिकारी मवाना के पर्यवेक्षण में प्रभावी पैरवी हुई। थाना मवाना कोर्ट पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अभियुक्त लोकेंद्र पुत्र किरणपाल, निवासी ग्राम छोटा मवाना, जनपद मेरठ को दोषी पाया गया। न्यायालय ने उसे धारा 377 भादवि और 5(घ)/6 पोक्सो एक्ट के तहत सजा दी। यह फैसला "ऑपरेशन कनविक्शन" अभियान की सफलता को दर्शाता है।
यह घटना 01 जुलाई 2017 को हुई थी। वादी ने तहरीर दी थी कि उनका आठ वर्षीय पुत्र दुकान पर सामान लेने गया था। वहां अभियुक्त लोकेंद्र ने टॉफी देने के बहाने उसे अपने घर ले जाकर कुकर्म किया। इस संबंध में थाना मवाना पर प्राथमिकी संख्या 406/2017 दर्ज किया गया था। विवेचना के बाद साक्ष्य संकलित कर वर्ष 2017 में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।