शराब लेकर चला गया आरोपी चार घंटे बाद मिला शव
थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि नरेश ने बच्ची को कार में ही छोड़ दिया और सुबह लगभग सवा दस ठेके से शराब खरीदी। इसके बाद वह अपने साथियों के साथ मिलिट्री ट्रक में सवार होकर अपनी यूनिट में चला गया। परिजनों की सूचना के बाद पुलिस ने देर रात दो बजे के बाद कार से बच्ची का शव बरामद किया। बच्ची के रिश्तेदार कृष्ण ने बताया कि परिजनों ने आरोपी को फोन किया तो उसने खुद को ड्यूटी पर बताया था।
पिता स्कूटी की सर्विस कराने गए थे
पीड़ित पिता ने बताया कि वह घटना वाले दिन अपनी स्कूटी की सर्विस कराने के लिए गया था। पत्नी ने फोन कर बेटी के नहीं मिलने की सूचना दी थी। इसके बाद पीड़ित पिता ने अपने साथियों के साथ मिलकर बेटी की तलाश शुरू कर दी थी।
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19 नवंबर का को था जन्मदिन, छीन लीं खुशियां
पीड़ित पिता ने बताया कि वर्तिका का 19 नवंबर को जन्मदिन था। बेटी के जन्मदिन के लिए वह तैयारी कर रहे थे। दिवाली से पूर्व हुई बेटी की मौत ने उनके परिवार की खुशियां छीन लीं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि पिता की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच कराई जा रही है, सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
तेज धूप में खड़ी कार में बनती हैं जानलेवा गैसें
-सीएफओ संतोष राय के मुताबिक कारों में लगे डैश बोर्ड, सीट कवर, मैट, छत, हैंडल व एयर फ्रेशनर में कई केमिकल के साथ बेंजीन गैस मौजूद होती है। जब बहुत देर धूप में खड़ी कार का गेट खोलकर चालक अंदर बैठता है तो प्लास्टिक के साथ कुछ दूसरे अलग केमिकल की दुर्गंध महसूस होती है।
-इस पर ध्यान देना बेहद जरूरी है, क्योंकि यही दुर्गंध संकेत देती है कि एसी ऑन करने से पहले खिड़की के शीशे उतार दें। बेंजीन बेहद खतरनाक हाइड्रोकार्बन है, जो शरीर के लिए घातक है।
-धूप में खड़ी कार में पॉलिस से ओजोन, हाइड्रोजन डाइआक्साइड व कार्बन डाइआक्साइड जैसी खतरनाक गैसों का उत्सर्जन होता रहता है। इससे दम घुटने लगता है और इंसान की मौत हो जाती है।
-इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों को किसी वाहन के पास भेजते समय ध्यान रखना चाहिए।