ग्रामीणाें का कहना है कि गांव में जगह-जगह गंदगी है, जिसके कारण मच्छर अधिक होने से लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ग्रामीणों को दिल्ली, गाजियाबाद व मेरठ में पहुंचकर निजी चिकित्सक के पास उपचार कराना पड़ता है। ऐसे में उन्हें काफी परेशानी होती है।
ग्रामीणें ने गांव में सफाई कराने और दवा का छिड़काव कराने के साथ ही शिविर लगाकर लोगों की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीण अजय, महेश, कृष्ण, प्रमोद, रोहित, विजयपाल, रविंद्र आदि ने बताया कि बुखार के कारण लोगों की प्लेटलेट्स कम हो रही हैं।
इसके कारण उन्हें मेरठ के निजी अस्पताल में भर्ती होना पड़ रहा है। 15 दिन से गांव में बुखार फैला हुआ है, लेकिन इसके बाद भी स्वास्थ्य टीम ने गांव में आकर ग्रामीणों का उपचार तक नहीं किया। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य कैंप लगाने की मांग की है ताकि मरीजों को सही तरीके से उपचार मिल सके।
बागपत जनपद के अमीनगर सराय क्षेत्र के कमाला गांव में डेंगू से पांच साल की बच्ची की माैत हो गई है। वह पिछले कई दिन से बीमार थी और उसका मेरठ के अस्पताल में उपचार चल रहा था। ग्रामीणों ने गांव में शिविर लगवाने और एंटीलार्वा का छिड़काव कराने की मांग की है।