डॉ. सतीश चंद्र शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
CBI Raid: कैंट बोर्ड (मेरठ छावनी परिषद) के नामित सदस्य डॉ. सतीश चंद्र शर्मा के पल्लवपुरम अंसल टाउन स्थित घर (डुप्लेक्स) में सीबीआई ने 13 घंटे पड़ताल की। इसके बाद उसे तीन लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर शनिवार को सीबीआई कोर्ट में पेश किया। यहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। अदालत ने मामले में 12 जून को सुनवाई का आदेश दिया है। डॉ. सतीश चंद्र शर्मा को कैंट क्षेत्र का तथाकथित पितामह कहा जाता था।
डॉ. सतीश चंद्र शर्मा
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सीबीआई अदालत से मिली जानकारी के अनुसार, मेरठ के गंगानगर स्थित साकेत निवासी विवेक कश्यप ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से शिकायत की थी। इसमें बताया गया कि उनकी माता कृष्णा देवी की फर्म मैसर्स बालाजी कॉन्ट्रैक्टर को ई-नीलामी के माध्यम से गांधी बाग स्थित पार्किंग, कैंटीन और प्रवेश शुल्क का टेंडर एक अप्रैल 2026 को मिला था। इसकी कुल कीमत 76.34 लाख रुपये बताई गई है।
विवेक कश्यप के अनुसार, वह अपनी माता की ओर से फर्म के सभी कार्यों का संचालन करते हैं। आरोप है कि डॉ. सतीश चंद्र शर्मा ने टेंडर को भविष्य में बिना किसी बाधा के संचालित रहने देने के नाम पर तीन लाख रुपये रिश्वत की मांग की। यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपी ने रिश्वत न देने पर झूठी शिकायत करवाकर कैंट बोर्ड के माध्यम से टेंडर निरस्त कराने की धमकी दी थी।
टीम ने घर में किसी को आने-जाने नहीं दिया
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई की टीम शुक्रवार रात लगभग नौ बजे पल्लवपुरम पहुंची और स्थानीय पुलिस से फोर्स की मांग की। इसके बाद टीम अंसल टाउन स्थित डॉ. सतीश के घर पहुंच गई। टीम ने जांच पड़ताल के दौरान किसी को घर से बाहर नहीं निकलने दिया और न ही किसी को जाने दिया। एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच में अन्य मामलों का भी हो सकता है खुलासा
सीबीआई टीम ने 13 घंटे गहनता से पड़ताल और पूछताछ की है। कई दस्तावेजों की भी जांच की है। इनमें ठेकों के अलावा डॉ. सतीश शर्मा के हस्ताक्षर से किए गए अन्य कार्यों की भी पड़ताल की है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद लोग सोशल मीडिया के जरिये भी सवाल उठा रहे हैं कि उन्हें लगातार नामित सदस्य की जिम्मेदारी क्यों दी जा रही थी। लोगों का कहना है कि सीबीआई टीम की जांच में अन्य भ्रष्टाचार के मामलों का खुलासा हो सकता है। वहीं, कुछ लोग इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बता रहे हैं। कैंट के कुछ लोगों ने बताया कि डॉ. सतीश चंद्र शर्मा को कैंट क्षेत्र का तथाकथित पितामह कहा जाता था। कैंट क्षेत्र में होने वाले अवैध निर्माण की जानकारी डॉ. सतीश को रहती थी।
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