वहीं आनन-फानन मेराज को गंभीर हालत में मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर, मेराज की मौत की सूचना पर मेराज पक्ष के लोगों ने मस्जिद के सामने ही इकबाल के मकान पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें गोली लगने से इकबाल की पत्नी अफरोज गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया तो चिकित्सकों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया।
दोनों पक्षों से एक-एक की हत्या के बाद परिवार के लोग अपने-अपने मकान छोड़कर फरार हो गए थे। दोनों पक्षों के घरों केवल महिलाएं ही रह गई थीं। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम भेज दिया था लेकिन, सोमवार सुबह तक भी दोनों पक्ष के लोग पोस्टमार्टम हाउस नहीं पहुंचे। बाद में पुलिस ने पंचनामा भरने की कार्रवाई की। पुलिस ने सोमवार को दोनों पक्षों के 13 नामजद लोगों के खिलाफ हत्या सहित गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली।
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सीओ किठौर रूपाली राय के नेतृत्व में आरआरएफ व भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पहले अफरोज के शव को दफनाया गया। इसके बाद पुलिस मेराज के शव को लेकर गांव में पहुंची, जहां गमगीन माहौल में मेराज के शव को अलग कब्रिस्तान में दफनाया गया।