उनका आरोप है कि प्रधानाचार्य छात्रों से सरकारी फीस से अलग अवैध वसूली भी करा रहे हैं। जिसके लिए कई अभिभावकों ने उनसे शिकायत की है। कॉलेज में प्रधानाचार्य और शिक्षकों द्वारा लगातार अनियमितता की जा रही है।
विधायक ने विद्यालय की पत्रिका के वितरण को रुकवाने की मांग करते हुए पत्रिका के प्रकाशन में हुए खर्च को प्रधानाचार्य, संपादिका और उसकी टीम से निजी तौर पर वसूल करके छात्रनिधि में जमा कराने की मांग की है।
प्रधानाचार्य बोले कमल का फूल सनातनी की पहचान है
विधायक की आपत्ति के बाद प्रधानाचार्य डाॅ. बिशनपाल सिंह ने बताया कमल का फूल मात्र भाजपा का चुनाव चिह्न नहीं है, सनातनी की पहचान भी है। कमल के फूल के निशान के अलावा भाजपा का जिक्र तक नहीं किया गया है। जिससे लगे कि किसी पार्टी की प्रचार हो रहा है। वार्षिक पत्रिका पर पहले भी कमल का फूल प्रकाशित होता आया है, उसमें कुछ गलत नहीं है।