भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि अगर नलकूपों पर मीटर लगाए गए तो किसान उन्हें उखाड़ फेंकेंगे। नलकूपों से मीटर उतारकर ट्रैक्टरों में भरकर ऊर्जा भवन पहुंचेंगे। बिना शर्तों के पूर्व की तरह नलकूपों को फ्री बिजली दी जाए। ये बातें उन्होंने मंगलवार को ऊर्जा भवन में पीवीवीएनएल की प्रबंध निदेशक ईशा दुहन के साथ हुई बैठक में कही।
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मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, बागपत, नोएड़ा, मुजफ्फरनगर सहित अन्य जिलों के जिलाध्यक्षों के साथ राकेश टिकैत एमडी से वार्ता करने पहुंचे। इस दौरान विजिलेंस टीम द्वारा रात में छापामारी किए जाने का विरोध किया गया। बैठक में ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, जर्जर तार बदलने, लोड बढ़ाने, स्मार्ट मीटर, ट्रांसफार्मर समय पर न मिलने, ट्रांसफार्मर जल्दी जलने जैसे मुद्दों को उठाया गया।
भाकियू मेरठ के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने गांव बहादुरपुर में छापेमारी कर गलत जुर्माना लगाने का मामला उठाया। साथ ही 9 अगस्त को दिए गए मांगपत्र पर समस्या का निस्तारण न होने की बात कही। हापुड़ जिलाध्यक्ष दिनेश खेड़ा ने वर्ष 2004 में हुए बिजली बिल घोटाले में उपभोक्ताओं पर अभी भी जुर्माना लगाकर भेजने का मामला उठाया। बुलंदशहर में अधिशासी अभियंता का कार्यकाल पूरा होने के बावजूद उन्हें न बदलने का मामला भी उठाया गया।
इस दौरान राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि नलकूपों को फ्री बिजली मिले, इस पर कोई शर्त न रखी जाए। कैंप लगाकर किसानों को कनेक्शन दिए जाएं, लेकिन मीटर न लगाए जाएं। बिना मीटर के ही फ्री बिजली दी जाए। इससे कनेक्शन संख्या भी बढ़ेगी। उन्होंने प्रत्येक तीन माह में किसानों के साथ बैठक करने की मांग की। इस पर पीवीवीएनएल एमडी ने सहमति जताई। वहीं, रात में छापेमारी नहीं किए जाने के निर्देश विजिलेंस विभाग के अधिकारियों को दिए। बैठक में जिलाध्यक्ष गाजियाबाद बिजेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष मुजफरनगर योगेश शर्मा, जिला प्रभारी बागपत विनोद, पश्चिम अध्यक्ष पवन खटाना, एनसीआर अध्यक्ष धर्मपाल स्वामी, हर्ष चहल, सतबीर सिंह, बबलू सिसौला, विनेश, मोनू टिकरी, विनय पंघाल आदि मौजूद रहे।