मेरठ के कंकरखेड़ा में एक व्यक्ति द्वारा अपनी पत्नी को आठ दिन के बच्चे के साथ घर से बाहर निकालने का मामला सामने आया है। पीड़िता का कहना है कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर पति और ससुराल वालों ने उसे नवजात बच्चे के साथ घर से निकाल दिया। पति ने बच्चे को नाजायज बताते हुए उसके डीएनए टेस्ट कराने की मांग की है।
मेरठ में ससुराल वालों ने दहेज की मांग पूरी नहीं की तो एक युवक ने आठ दिन के नवजात को नाजायज बताकर पत्नी को घर में नहीं घुसने दिया और डीएनए टेस्ट कराने की बात कही। पीड़िता ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।
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कंकरखेड़ा के डबल स्टोरी निवासी विवाहिता का निकाह दो साल पहले लखीपुरा लिसाडी गेट के युवक से हुआ था। आरोप है कि ससुराल वाले दहेज में पचास हजार रुपये और मोटरसाइकिल की मांग करते थे।
विरोध पर करीब 9 दिन पहले उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया गया। चार दिसंबर को महिला ने अस्पताल में एक बेटे को जन्म दिया। उसने पति को खबर दी लेकिन कोई देखने नहीं आया। बाद में अस्पताल से डिस्चार्ज कराने के मायके वाले उसको ससुराल छोड़ने पहुंचे तो उन्होंने मारपीट की और घर में नहीं घुसने दिया।
नरगिस ने बताया कि इसका शौहर नवाजत बेटे को भी अपनाने से इंकार कर रहा है। रविवार को लिसाड़ी गेट थाने पहुंची विवाहिता ने पति व ससुरालियों के खिलाफ तहरीर देते हुए कार्रवाई की मांग हैं। उधर, सीओ कोतवाली अरविंद कुमार चौरसिया का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।