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हस्तिनापुर: मिहिर भोज के बोर्ड को लेकर विवाद तेज, भड़काऊ भाषण देने पर गुर्जर समाज के दो नेताओं पर मुकदमा दर्ज

Mon, 13 Dec 2021 11:49 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज नेटवर्क अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ/ हस्तिनापुर

सार

मेरठ पुलिस ने गुर्जर समाज के दो नेताओं पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि इन लोगों ने हस्तिनापुर क्षेत्र  में पंचायत के दौरान भड़काऊ भाषण दिए और गांव का माहौल खराब कर दंगा भड़काने की कोशिश की।
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सोनू गुर्जर व आकाश गुर्जर - फोटो : Amar Ujala Meerut
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विस्तार
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मेरठ से सटे हस्तिनापुर क्षेत्र के गुढ़ा गांव में 7 दिसंबर को भड़काऊ भाषण देने पर गुर्जर समाज के दो नेताओं पर मुकदमा दर्ज किया गया है। दरअसल, गुढ़ा गांव में हिंदू सम्राट मिहिर भोज के बोर्ड को लेकर पिछले कई दिनों से विवाद चल रहा है। यहां गुर्जर समाज और दलित समाज के लोगों के बीच गांव में लगे मिहिर भोज के बोर्ड पर गुर्जर चौक लिखने से तनाव की स्थिति बन गई थी। जिसके बाद पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने बोर्ड से गुर्जर चौक लिखे बोर्ड को हटवा दिया था।
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बोर्ड हटवाने के बाद गुर्जर समाज के कुछ लोगों ने गांव में 7 दिसंबर को महापंचायत आयोजित की थी। इस महापंचायत में नोएडा, सहारनपुर सहित कई जिलों के गुर्जर समाज के प्रतिनिधि पहुंचे थे।

थाना प्रभारी दिनेश सिंह ने बताया कि इस पंचायत की प्रशासनिक अधिकारियों से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। साथ ही इस पंचायत में भड़काऊ भाषण दिए गए। गांव का माहौल खराब करने की कोशिश की गई, साथ ही जातिगत टिप्पणी कर दंगा फैलाने की कोशिश की गई।
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इसे देखते हुए ग्रामीणों की मांग पर पंचायत में शामिल हुए गुर्जर समाज के आकाश गुर्जर मवाना, व सोनू गुर्जर मिर्कपुर, सहारनपुर के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया है। आरोप है कि इन लोगों ने पंचायत में भड़काऊ भाषण दिए और गांव का माहौल खराब करने की कोशिश की है।

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महापंचायत रोकने को गांव में तैनात पुलिस और पीएसी बल
वहीं पंचायत को लेकर गुर्जर समाज के लोग दो फाड़ होते नजर आ रहे हैं। गांव के लोग गांव में किसी भी पंचायत का समर्थन न कर उनका विरोध करने की बात कह रहे हैं, जिसके संबंध में पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के साथ रविवार को गांव में बैठक आयोजित हुई थी। वहीं कुछ लोग पंचायत का समर्थन कर रहे हैं। 
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पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार गांव में आज आयोजित होने वाली पंचायत की कोई भी अनुमति प्रशासनिक स्तर पर नहीं ली गई है। इसलिए गांव में कोई भी पंचायत आयोजित नहीं कराई जाएगी। इसके लिए गांव में पीएससी की कंपनी लगाई गई है। साथ ही कई थानों की पुलिस गांव में तैनात की गई है, जिससे गांव में कोई भी पंचायत आयोजित न हो और गांव के माहौल को बिगड़ने से रोका जा सके।
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