नेशनल डेटाबेस ऑफ आर्म्स लाइसेंस (एनडीएएल) पोर्टल पर सेवा नहीं देने में मेरठ प्रदेश में अव्वल आया है। यहां माउस के एक क्लिक पर ही शस्त्र और कारतूस की खरीद-बिक्री की कुंडली खुल रही है। शस्त्र अनुभाग की सख्ती से शहर की सभी 24 दुकानें ऑनलाइन हो चुकी हैं।
देशभर में हथियारों की जानकारी में एकरूपता लाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नेशनल डेटाबेस ऑफ आर्म्स लाइसेंस पोर्टल की शुरुआत की है। सभी हथियार लाइसेंस धारकों को हथियार से संबंधित सारी जानकारी इस पोर्टल पर अपलोड करनी है। एक अप्रैल 2016 से ये व्यवस्था होनी थी लेकिन तीन साल तक शस्त्र अनुभाग में तैनात रहे लिपिक यह काम नहीं कर सके। वर्तमान शस्त्र लिपिक राजेश कुमार ने जिलाधिकारी के मार्ग निर्देशन और शस्त्र विक्रेताओं के सहयोग से यह काम कर दिखाया।
राजेश कुमार ने बताया कि शहर में संचालित सभी 24 शस्त्र दुकानें एनडीएएल पोर्टल पर है। जिले के करीब 22 हजार लाइसेंस धारकों के लाइसेंस और कारतूसों का डेटा ऑनलाइन है। इन्हें एक क्लिक पर कहीं पर भी देखा जा सकता है। ऑनलाइन व्यवस्था के चलते शस्त्र दुकानों को रोजाना होने वाली खरीद बिक्री का डेटा पोर्टल पर डालना पड़ रहा है। शस्त्र अनुभाग से पोर्टल पर अपलोड होने वाले डेटा की लगातार निगरानी की जा रही है।
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