प्रदेश सरकार की ओर से एक अप्रैल 2023 से नलकूप किसानों की बिजली फ्री किए जाने की घोषणा की गई थी। इसके बाद ही किसानों ने बिल जमा करने बंद कर दिए। इससे विभाग पर पहले से बकाए पर और बोझ बढ़ गया है। मेरठ जोन में मेरठ और बागपत जिला आता है। अप्रैल तक मेरठ के 33 हजार नलकूप किसानों पर 79 करोड़ रुपये बकाया था। बागपत के 19 हजार किसानों पर 15 करोड़ बकाया था। अब पिछले तीन माह में मेरठ जोन में ही नलकूप किसानों पर बकाया दो गुना हो चुका है। मेरठ जोन के 49 हजार नलकूप किसानों पर पीवीवीएनएल का 164 करोड़ रुपये बकाया हो गया है।
सरकार के झूठ ने किसानों को बना दिया बकाएदार : राकेश टिकैत
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने घोषणा पत्र में पांच साल तक किसानों की बिजली फ्री करने की घोषणा की थी, जिसे पूरा नहीं किया। इसके बाद एक साल के लिए फ्री करने की घोषणा की गई। किसान सरकार के झूठ में फंसते चले गए, जिससे वह बकाएदार हो गए हैं।
किसान बोले...
नलकूपों की बिजली फ्री करने की घोषणा की गई थी, इस कारण बिल जमा नहीं किए। अभी भी बिजली फ्री होने की उम्मीद है। - मांगेराम, नलकूप किसान, करनावल
अप्रैल में बिजली फ्री होनी थी। चार माह बीत गए हैं, लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं हो सका है। बकाया भी बढ़ता जा रहा है। - जयपाल सिंह, किसान, लावड़