वरदान पाइप वाला धमाका लेकर आया था। वह बारूद तैयार करने के लिए गंधक-पोटाख को पीसने लगा। उसने गंधक और पोटाश को एक साथ मिलाकर इमामदस्ते में डाल दिया। जैसे ही उसने पीसने के लिए मूसली से चोट की तो विस्फोट हो गया। धमाके में हाथ की उंगलियां और चेहरा बुरी तरह झुलस गया। परिजनों ने उसे मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई। इंचौली थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं कराया।
दूसरी घटना परतापुर के शताब्दीनगर ई पाकेट वन में हुई। रामकुमार(40) पुत्र शीशुपाल गंधक पोटाश मिलाकर पाइप वाले धमाके से छोड़ रहा था। गंधक पोटाश की मात्रा ज्यादा होने के कारण नाल फट गई और रामकुमार की छाती में घुस गई। रामकुमार की मौके पर ही मौत हो गई। परतापुर थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।
गांवों में खूब छोड़ी गई पाइप के धमाकों से गंधक-पोटाश
लोहे के पाइप के बने खतरनाक धमाकों (गंधक-पोटाश छोड़ने वाला पाइप) से दिवाली पर दो परिवारों की खुशियां मातम में बदल गईं। गांवों में इस बार पाइप के धमाके खूब बिके। बच्चों तक के हाथों में धमाके थे। कई जगह धमाके फटने के कारण लोग घायल हुए।
गांवों में पिछले कई सालों से लोहे के पाइप वाले धमाके दिवाली पर खूब बिकते हैं। इसकी वजह गांवाें में पटाखे नहीं मिलना और गंधक-पोटाश का पटाखों की तुलना में सस्ता मिलना होता है। इसमें पाइप में गंधक-पोटाश भरकर उसमें लोहे की रॉड से चोट की जाती है, जिसके बाद गंधक-पोटाश में धमाका हो जाता है। कई बार पाइप में गंधक-पोटाश की मात्रा अधिक होने के कारण उसके झटके को पाइप झेल नहीं पाता और फट जाता है। परतापुर के शताब्दीनगर में भी ऐसा ही हुआ। पाइप धमाके का प्रेशर नहीं झेल पाया और फट गया। पाइप के टुकड़े रामकुमार के सीने में घुसने के कारण उसकी मौत हो गई। इस तरह से पाइप वाले धमाके पहले से ही फटते रहे हैं।
चार बहनों का अकेला भाई था वरदान
इंचौली के फिटकरी गांव में बहन के घर रहकर पढ़ाई करने वाला वरदान चार बहनों का इकलौता भाई था। बहन उसे बहुत प्यार करती थी, इसीलिए अपने पास रखकर पढ़ा रही थी। वरदान भी जिद करके पाइप वाला धमाका लेकर आया था। उसके लिए वो गंधक-पोटाश पीसने लगा। उसे पता नहीं था कि गंधक और पोटाश को एक साथ नहीं पीसते हैं। उसने दोनों को एक साथ इमामदस्ते में डाल दिया और मूसली का वार किए जाने के कारण धमाका हो गया। वरदान की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे गांव में कोहराम मचा रहा।
परिजनों को करना चाहिए बच्चों को जागरूक
पाइप वाला धमाका बेहद खतरनाक होता है। ऐसे में परिजनों को अपने बच्चों को उसका इस्तेमाल नहीं करने के लिए जागरूक करना चाहिए। गंधक-पोटाश बेहद खतरनाक होता है, इससे बच्चों को दूर रखना चाहिए।