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Meerut: भाईदूज के पहले दिन चार बहनों के इकलौते भाई की दर्दनाक मौत, गंधक-पोटाश कूटने समय धमाके से उड़े चिथड़े

Tue, 14 Nov 2023 12:47 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ के इंचौली में गंधक पोटाश से हुए धमाकों में एक बच्चे की मौत हो गई। हादसा इमामदस्ते में गंधक पोटाश कूटने के दौरान हुआ। वरदान(11) चार बहनों का इकलौता भाई थ। वहीं परतापुर थानाक्षेत्र में व्यक्ति(40) पाइप में गंधक पोटाश मिलाकर छोड़ रहा था। इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया।
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बच्चे का फाइल फोटो - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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दीपावली पर दो जगह गंधक-पोटाश से हुए धमाकों में एक बच्चे(11) और एक युवक की मौत हो गई। इंचौली के फिटकरी में रविवार को बच्चे द्वारा इमामदस्ते में गंधक-पोटाख पीसते समय धमाका हो गया। बुरी तरह झुलसने के बाद उसकी मौत हो गई। परतापुर के शताब्दीनगर में गंधक-पोटाश छोड़ते समय धमाके के बाद सरिया छाती में घुसने से युवक की मौत हो गई।

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फलावदा थाना क्षेत्र के सकौती गांव निवासी युद्धवीर सिंह उर्फ गुड्डू पीएसी में हैं। उनकी बेटी वर्णिका की शादी इंचौली थाना क्षेत्र के फिटकरी गांव निवासी प्रवेश के साथ हुई थी। युद्धवीर सिंह का 11 वर्षीय बेटा वरदान बहन के घर पर रहकर ही कक्षा पांच की पढ़ाई कर रहा था।

वरदान पाइप वाला धमाका लेकर आया था। वह बारूद तैयार करने के लिए गंधक-पोटाख को पीसने लगा। उसने गंधक और पोटाश को एक साथ मिलाकर इमामदस्ते में डाल दिया। जैसे ही उसने पीसने के लिए मूसली से चोट की तो विस्फोट हो गया। धमाके में हाथ की उंगलियां और चेहरा बुरी तरह झुलस गया। परिजनों ने उसे मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई। इंचौली थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं कराया।

दूसरी घटना परतापुर के शताब्दीनगर ई पाकेट वन में हुई।  रामकुमार(40) पुत्र शीशुपाल गंधक पोटाश मिलाकर पाइप वाले धमाके से छोड़ रहा था। गंधक पोटाश की मात्रा ज्यादा होने के कारण नाल फट गई और रामकुमार की छाती में घुस गई। रामकुमार की मौके पर ही मौत हो गई। परतापुर थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।

गांवों में खूब छोड़ी गई पाइप के धमाकों से गंधक-पोटाश
लोहे के पाइप के बने खतरनाक धमाकों (गंधक-पोटाश छोड़ने वाला पाइप) से दिवाली पर दो परिवारों की खुशियां मातम में बदल गईं। गांवों में इस बार पाइप के धमाके खूब बिके। बच्चों तक के हाथों में धमाके थे। कई जगह धमाके फटने के कारण लोग घायल हुए। 

गांवों में पिछले कई सालों से लोहे के पाइप वाले धमाके दिवाली पर खूब बिकते हैं। इसकी वजह गांवाें में पटाखे नहीं मिलना और गंधक-पोटाश का पटाखों की तुलना में सस्ता मिलना होता है। इसमें पाइप में गंधक-पोटाश भरकर उसमें लोहे की रॉड से चोट की जाती है, जिसके बाद गंधक-पोटाश में धमाका हो जाता है। कई बार पाइप में गंधक-पोटाश की मात्रा अधिक होने के कारण उसके झटके को पाइप झेल नहीं पाता और फट जाता है। परतापुर के शताब्दीनगर में भी ऐसा ही हुआ। पाइप धमाके का प्रेशर नहीं झेल पाया और फट गया। पाइप के टुकड़े रामकुमार के सीने में घुसने के कारण उसकी मौत हो गई। इस तरह से पाइप वाले धमाके पहले से ही फटते रहे हैं।
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चार बहनों का अकेला भाई था वरदान
इंचौली के फिटकरी गांव में बहन के घर रहकर पढ़ाई करने वाला वरदान चार बहनों का इकलौता भाई था। बहन उसे बहुत प्यार करती थी, इसीलिए अपने पास रखकर पढ़ा रही थी। वरदान भी जिद करके पाइप वाला धमाका लेकर आया था। उसके लिए वो गंधक-पोटाश पीसने लगा। उसे पता नहीं था कि गंधक और पोटाश को एक साथ नहीं पीसते हैं। उसने दोनों को एक साथ इमामदस्ते में डाल दिया और मूसली का वार किए जाने के कारण धमाका हो गया। वरदान की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे गांव में कोहराम मचा रहा।

परिजनों को करना चाहिए बच्चों को जागरूक
पाइप वाला धमाका बेहद खतरनाक होता है। ऐसे में परिजनों को अपने बच्चों को उसका इस्तेमाल नहीं करने के लिए जागरूक करना चाहिए। गंधक-पोटाश बेहद खतरनाक होता है, इससे बच्चों को दूर रखना चाहिए।
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