नगर निगम में गृहकर में संशोधन कराने वालों की भीड़ उमड़ रही है। रोजाना नए-नए मामले सामने आ रहे हैं। वहीं महापौर ने बैठक कर निगम कर्मचारियों से कहा कि जनता को परेशानी न होने दें।
31 दिसंबर के बाद गृहकर पर 20 प्रतिशत की छूट भवन स्वामियों को नहीं मिलेगी। छूट के लाभ की अवधि और बेहिसाब बढ़े गृहकर बिल को देखते भवन स्वामी परेशान हैं। गृहकर को लेकर नगर निगम में मारामारी चल रही हैं। बुधवार को निगम पहुंचे वार्ड-48 माधवपुरम निवासी सुभाष ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी को गृहकर के दो बिल थमा दिए। बोले-भवन एक है और बिल दो मिले हैं, आप बताओ कि कौन सा असली हैं।
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गृहकर का बिल ठीक कराने वालों की निगम में लंबी लाइन हैं। वहीं, निगम द्वारा पार्षदों के वार्डों में कैंप लगाकर गृहकर बिल पर आने वाली आपत्ति का निस्तारण करने के लिए शहर में दस जगह कैंप लगाए हैं।
महानगर में जीआईएस सर्वे के आधार पर करीब 3.50 भवनों से गृहकर की वसूली करने का अभियान निगम का चल रहा हैं। 90 गृहकर मित्र की नियुक्ति कर भवन स्वामियों के घरों पर नया बिल वितरित करा दिया हैं। दस गुना से ज्यादा भी गृहकर बढ़ाकर बिल भवन स्वामियों के पास पहुंचे तो खलबली मच गई। आपत्ति बढ़ रही और समाधान नहीं हो पाया। निगम ने 31 दिसंबर के बाद 20 प्रतिशत की छूट खत्म कर नए बिल पर वसूली करने की बात कही। गृहकर के बढ़े बिल को लेकर निगम परिसर में एक सप्ताह से रोजाना पार्षद हंगामा कर रहे हैं। भाजपा पार्षदों ने निगम अफसरों को चेतावनी दी कि वह भवन स्वामियों के साथ लूट नहीं होने देंगे।
इसको लेकर पार्षदों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा हैं। बुधवार को माधवपुरम निवासी सुभाष ने दो बिल देकर मुख्य कर निर्धारण अधिकारी को बताया कि उनका एक ही भवन हैं। जबकि निगम ने दो बिल भेजे हैं। एक बिल 5238 रुपये का है और दूसरा 7944 रुपये का बताया गया। बताओ इनमें कौन सा असली और कौन सा नकली। शताब्दीनगर निवासी राजकली ने अपने गृहकर का बिल दिया और कहा कि 48 मीटर के घर पर 15 हजार का बिल आया हैं। ऐसी एक नहीं 100 से भी अधिक शिकायत मुख्य कर निर्धारण अधिकारी के पास आईं। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एसके गौतम का कहना है कि आपत्तियों का समाधान कराया जा रहा हैं।
गृहकर में करदाताओं को नहीं होनी चाहिए परेशानी : महापौर
गृहकर के मामले में लोगों को हो रही असुविधा या भ्रम की स्थिति को देखते हुए बुधवार को घंटाघर स्थित टाउनहॉल में महापौर हरिकांत अहलूवालिया की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में महापौर ने गृहकर से संबंधित समीक्षा करते हुए निगम के कर्मचारियों से बातचीत की।
महापौर ने कहा कि महानगर की जनता को गृहकर से संबंधित जानकारी पूर्ण सत्यता, स्पष्टता और पारदर्शिता के साथ उपलब्ध कराई जाए जिससे किसी प्रकार की भ्रांति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि प्रत्येक करदाता को उसके भवन निर्माण की अवधि के अनुसार वार्षिक किराया मूल्यांकन पर निर्धारित छूट अनिवार्य रूप से प्रदान की जाए ताकि करदाताओं को अधिकतम लाभ मिल सके।