निरंगपाल ने बताया कि उसने 16 बीघे जमीन खरीदी थी। बेटों और बेटियों के नाम इसकी वसीयत कर दी। उसकी जमीन का अधिग्रहण होना है और इसका मुआवजा मिलना है। आरोप है कि इस जमीन और मुआवजे के लिए ही उसके साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है।
मुआवजे की रकम हड़पने के लिए उसके बेटों और बेटियों ने जंजीर से बांधकर घर में कैद किया। उन्हें अक्सर पैरों में जंजीर बांधकर कमरे में बंद कर दिया जाता है। विरोध करने पर पीटा जाता है।
इस मामले में सरधना पुलिस से शिकायत की तो पुलिस ने भी कोई सुनवाई नहीं की। बुजुर्ग ने कहा कि वह सोमवार को किसी तरह अपनी जान बचाकर एसएसपी ऑफिस पहुंचे। इस मामले में एसएसपी रोहित सिंह सजवाण का कहना है कि सरधना पुलिस को जांच कर तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।