पुलिस जांच पड़ताल में खुलासा हुआ कि टीशा की हत्या उसके ही मामा ने की थी और घर से 500 मीटर तक शव को कंधे पर लेकर गया। इसके बाद शव बिटौड़े में रखकर जला दिया। पूछताछ में आरोपी मामा ने बताया कि हत्या से पहले उसने खूब शराब पी और फिर गला दबाकर टीशा को मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस के अनुसार सात दिन पहले टीशा एक युवक के साथ कहीं चली गई थी, शाम को देर से घर आई थी। इसे लेकर उसकी मां नाराज हो गई थी। उसने ये बात अपने भाई सोनू को भी बताई। रविवार को मामा सोनू और मामी पूनम मुंडाली मऊखास गए। जहां से टीशा उनके साथ ही आ गई।
मौके पर जांच करती पुलिस
- फोटो : Amar Ujala
रविवार को हत्या की खबर सुनते ही टीशा के माता-पिता के पांव तले जमीन खिसक गई। टीशा चार भाई- बहनों में सबसे बड़ी थी। मां ने भाई सोनू के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया जिसके बाद मंगलवार को आरोपी मामा को जेल भेज दिया गया।
आरोपी मामा को हत्या का कोई पछतावा नहीं था। एसपी देहात कमलेश बहादुर के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने बताया कि टीशा की दूसरे संप्रदाय के युवक से दोस्ती थी।
पुलिस गिरफ्त में आरोपी मामा
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आरोपी सोनू के अनुसार टीशा से कई बार बातचीत की, समझाया कि दूसरे समुदाय के युवक को छोड़ दे लेकिन उसने साफ कह दिया कि वह उसे नहीं छोड़ सकती।
इससे मामा सोनू आक्रोश में आ गया और अपनी पत्नी को कमरे में बंद कर दिया। शराब पीने के बाद टीशा की गला दबाकर हत्या कर दी और शव पेट्रोल डालकर जला दिया। आरोपी मामा ने कहा कि कई बार समझाया लेकिन नहीं मानी, परिवार की बदनामी होती इससे पहले ही मार दिया।