वहीं, मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों के परिजनों को सूचना दी। परिजनों ने बताया कि दोनों राज मिस्त्री का कार्य करते थे। थाना प्रभारी का कहना है कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी डंफर चालक की तलाश की जा रही है।
चार दिन बाद करना था कन्यादान, आज उठी अर्थी
जयकरण सैनी और बीनू चौधरी की मौत की खबर पहुंची तो दोनों के परिवारों में कोहराम मच गया। जयकरण के घर में शादी के गीतों की जगह चीत्कार मच गई। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पत्नी ऊषा विलाप करते हुए बार-बार यही कहती रही कि चार दिन बाद बेटी का विवाह है, कौन करेगा कन्यादान। कैसे होगी बेटी की शादी। बेटी चांदनी रोते-रोते कई बार बेहोश हो गई। बस यही बोलती रही, पापा तुम्हारे बिना शादी कैसे होगी। लोगों का कहना था कि हादसे के शिकार दोनों पर परिवारों की सारी जिम्मेदारी थी, अब कैसे गुजर बसर होगी।
जयकरण के छह बेटी और एक बेटा है। सबसे बड़ी बेटी आरती की चार साल पहले शादी हो चुकी है। दो बेटी बोल नहीं सकती हैं। दूसरी बेटी चांदनी की चार दिसंबर को शादी होनी है। चांदनी की शादी के लिए सारी तैयारी पूरी हो चुकी थीं। बृह्स्पतिवार सुबह लगन भी चला गया था। कुछ रिश्तेदारों के कार्ड रह गए थे। उन कार्ड को बांटने के लिए जयकरण सैनी अपने गांव के दोस्त बीनू चौधरी के साथ गांव के युवक की बाइक लेकर जानी क्षेत्र में कार्ड बांटने गए थे। शाम को बाइक से लौटते वक्त दोनों को एक डंपर ने टक्कर मार दी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।