किसानों की मुख्य मांगों में तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाना, ऊर्जा निगम द्वारा किसानों के उत्पीड़न पर कार्रवाई करना, जर्जर ग्रामीण विद्युत लाइनों को बदलना, स्मार्ट मीटर की अनियमितताओं की जांच कराना, गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी करना, आवारा पशुओं से सुरक्षा दिलाना और खसरा-खतौनी में हेरफेर की जांच व सुधार शामिल हैं।
किसानों ने यह भी स्पष्ट किया कि इस बार कोई ज्ञापन तहसील प्रशासन को नहीं दिया जाएगा, बल्कि सीधे शासन को भेजा जाएगा। उन्होंने नारा दिया -समाधान नहीं, तो घर वापसी नहीं। धरने पर बैठे किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी सभी समस्याओं का समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।