जिस बेटी को बड़े अरमानों से पाल पोसकर बड़ा किया, जिसका आज कन्यादान करके विदा करना था। उस बेटी को याद करके पूरा परिवार आंसू बहा रहा था। माता-पिता रोते हुए बस यही बोल रहे थे कि दस दिन से बच्ची को अगवा कर रखा है, लेकिन पुलिस अभी तक कुछ नहीं कर पाई है।
मंगलवार को बेटी की शादी करनी थी लेकिन ये दिन जिंदगी भर के लिए मनहूस बन गया है। वहीं, युवती की बरामदगी के लिए पुलिस की एक टीम देहरादून में भी तलाश कर रही है।
लालकुर्ती थाना क्षेत्र में रहने वाले इस परिवार ने बेटी को खूब पढ़ाया। घर की स्थिति सामान्य होने के बावजूद उसे डबल एमए कराया। बेटी की शादी तय हुई तो पूरा परिवार खुश हो गया। 28 नवंबर को शादी होनी थी, सारी बुकिंग कर ली गई। कार्ड बांटे जाने का काम शुरू हो गया। माता-पिता ने बताया कि बेटी शादी तय होने से खुश थी।
19 नवंबर को वह कार्ड बांटने के लिए घर से निकली लेकिन वापस नहीं लौटी। देवराज उर्फ बिट्टू (38) पुत्र हरनंद वाल्मीकि ने अपने चाचा के बेटे काकू उर्फ शुभम के साथ मिलकर उसका अपहरण कर लिया। परिजनों ने लालकुर्ती थाने में दोनों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज करा दी, लेकिन युवती बरामद नहीं हो पाई। परिजन एसएसपी और डीएम ऑफिस के चक्कर लगाकर थक गए लेकिन कुछ नहीं हुआ।
दुल्हन का जोड़ा
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मंगलवार को जिस घर में बरात आनी थी, वहां पर खामोशी थी। कई मेहमान भी घर आ गए, जिन्हें परिजन फोन नहीं कर पाए थे। युवती की मां का रो-रोकर बुरा हाल था। पिता दिनभर बेटी की तलाश के बाद शाम को घर पहुंचे तो पूरा माहौल गमगीन था। वे बस इतना ही बोले कि आज भी बेटी का पता नहीं लग पाया।
पिता का कहना है कि एक बार हमारी बेटी को पुलिस सामने ला दे। भर्राये गले से वे बस इतना ही बोले कि शादी की तैयारी में कितना खर्चा हो गया इसका गम नहीं है, लेकिन आरोपियों ने जो दाग दिया है, वो जिंदगी भर सालता रहेगा। पिता का कहना है कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
युवती और आरोपियों के मोबाइल बंद हैं। पुलिस की तीन टीमें युवती की बरामदगी के लिए लगी हुई हैं। एक टीम ने सहारनपुर में भी दबिश दी, एक टीम देहरादून में भेजी गई है। आरोपियों के परिचितों से भी पूछताछ की जा रही है। युवती को जल्द बरामद किया जाएगा। - पीयूष कुमार सिंह, एसपी सिटी