बिजलीकर्मियों ने सभा करके मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि वह हस्तक्षेप करके समझौता कराने का काम करें। अधीक्षण अभियंता शहर के राजेन्द्र बहादुर ने बताया कि 16 मार्च से कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। उनके मोबाइल नंबर भी बंद हो जाएंगे।
समझौते की शर्तों का अनुपालन न होने से नाराज विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने विक्टोरिया पार्क से मुख्य अभियंता कार्यालय तक मशाल जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही चेतावनी दी कि अगर मांग पूरी नहीं की गई तो 16 मार्च की शाम से 72 घंटे की हड़ताल पर चले जाएंगे। वहीं बुधवार सुबह से ही कर्मचारियों ने ऊर्जा भवन पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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इससे पहले मंगलवार को संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में विद्युत विभाग के इंजीनियर और कर्मचारी विक्टोरिया पार्क पर सिविल डिविजन पर एकत्र हुए। यहां से सभी ने हाथों मेें मशाल लेकर जुलूस निकाला। मुख्य अभियंता के कार्यालय पर जुलूस का समापन हुआ। वहीं बुधवार को फिर से ऊर्जा कर्मचारी ऊर्जा भवन पर धरना पदर्शन के लिए पहुंच गए।
संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक रोहित कुमार और राम आशीष कुशवाहा ने कहा कि प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अरविन्द कुमार शर्मा और विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही है। तीन दिसम्बर को ऊर्जा मंत्री के साथ हुए लिखित समझौते पर कोई कार्रवाई न होने से कर्मचारियों में नाराजगी है। यही कारण है कि पूरे प्रदेश में विद्युत कर्मचारियों ने मशाल जुलूस निकाले हैं।
इससे पहले बिजलीकर्मियों ने सभा करके मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि वह हस्तक्षेप करके समझौता कराने का काम करें। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि 15 मार्च को सुबह 10 बजे से कार्य बहिष्कार आंदोलन प्रारंभ होगा। 16 मार्च की रात्रि 10 बजे से 72 घंटे की सांकेतिक हड़ताल होगी। मशाल जुलूस में रोहित कुमार, निखिल कुमार, राणा प्रताप, अवधेश कुमार, गोरव कुमार,विपिन कुमार, संदीप कुमार, अशोक त्यागी, कृष्ण तंवर,मोहित पाल आदि शामिल रहे।
ऊर्जा भवन में कंट्रोल रूम पर सुनी जाएंगी शिकायतें
अधीक्षण अभियंता शहर के राजेन्द्र बहादुर ने बताया कि 16 मार्च से कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। उनके मोबाइल नंबर भी बंद हो जाएंगे। इसको लेकर ऊर्जा भवन में कंट्रोल रूम बना दिया गया है। यहां सभी 14 जिलों की बिजली से सम्बंधित शिकायतों को सुना जाएगा।