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Meerut: देहात में कमाई, शहर की जनता बे-बस, शाम छह बजे के बाद लोहियानगर डिपो से कोई बस सेवा नहीं

Wed, 11 Sep 2024 12:55 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ में चल रही  सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज की इलेक्टि्रक बसें देहात में कमाई कर रही है जबकि शहर की जनता बेबस दिखाई देती है। सिटी  रेलवे स्टेशन से मेडिकल काॅलेज तक चलने वाली पांच बसें भी बंद हो गई हैं।
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मेरठ में बसें - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अधिक कमाई के लिए सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज की इलेक्टि्रक बसों को देहात के रूटों पर लगा दिया है, जबकि शहरवासी ऑटो और ई-रिक्शा में सफर करने के लिए मजबूर हैं। कई ऑटो बदलने के कारण उनका किराया भी अधिक लग रहा है। मेरठ मेडिकल कॉलेज से सिटी रेलवे स्टेशन तक चलने वाली पांच बसें भी बंद कर दी गई हैं। 

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लोहियानगर डिपो से शाम को छह बजे के बाद कोई भी बस शहर के लिए नहीं मिलती। मोदीपुरम से भैसाली बस अड्डे तक भी सिटी बस नहीं चलती। सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज के अंतर्गत शहर में सिटी बसों का संचालन होता है।

वर्तमान में 50 इलेक्टि्रक बसें, 96 सीएनजी बसें और 8 वाॅल्वो बसें सिटी बस के बेड़े में शामिल हैं। इन सभी बसों का संचालन शहर और उसके आसपास होना था, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। 50 इलेक्टि्रक एसी बसें भी शहर में नहीं चल रहीं।

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ये बसें चलती हैं देहात में
मेरठ से हस्तिनापुर 20, लोहियानगर से किठौर-शाहजहांपुर आठ, मेडिकल कॉलेज से सरधना तक 7 बसें चलाई जा रही हैं। वहीं लोहियानगर डिपो में 50 इलेक्टि्रक बसों में से 15 बसें तीन महीने से खराब हैं। 

सीएनजी बसों का भी हाल-बेहाल
सिटी बसों के बेड़े में शामिल 96 सीएनजी बसें भी जर्जर अवस्था में हैं। इनमें से 16 बसें खराब हो चुकी हैं, जबकि बाकी 80 बसें भी दिसंबर तक खत्म हो जाएंगी। इन सीएनजी बसों को भी शहर के बजाए मोदीपुरम से मोदीनगर, सरधना, किठौर, सरुरपुर, हर्रा खिवाई, भोला सतवई आदि देहात क्षेत्रों में चलाया जा रहा है।
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लोहियानगर डिपो की 15 बसें तीन महीने से खराब हैं, इसलिए मेडिकल से स्टेशन के बीच चलने वाली बसें बंद करनी पड़ी हैं। इलेक्टि्रक बसें चार्जिंग के लिए डिपो में आती हैं, इसलिए उनकी चर्जिंग कम होने के कारण शाम को डिपो से बसें नहीं जातीं। हस्तिनापुर से ज्यादा राजस्व मिल रहा है, इसलिए शहर की बसों को वहां चलाया गया है।  - सचिन कुमार, संचालन प्रभारी, लोहियानगर डिपो

सीएनजी बसें खराब हैं, जो दिसंबर तक नई आएंगी। 15 इलेक्टि्रक बसें खराब हैं, जिन्हें ठीक कराने के लिए कंपनी को पत्र लिखा गया है। जल्द ही 50 नई बसें मिलेंगी, तो नए रूट बनाकर बसों का संचालन कराया जाएगा। - संदीप कुमार नायक, आरएम, एमडी मेरठ

बोले यात्री- बसें चलनी चाहिए
जैननगर निवासी अमित जैन का कहना है कि सिटी स्टेशन से चलने वाली बसें दो महीने से बंद हैं। इन बसों के बंद होने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। 
मोदीपुरम क्षेत्र की उदय सिटी कॉलोनी निवासी प्रज्ञा का कहना है कि वह सिलाई सीखने के लिए घंटाघर आती हैं, लेकिन मोदीपुरम से भैसाली बस अड्डे तक बसें नहीं चलती। 
पल्लवपुरम निवासी पुनीत राजपूत का कहना है कि शोभित यूनिवर्सिटी से लेकर मेरठ सिटी रेलवे स्टेशन तक बसें चलनी चाहिए। कई ऑटो बदलने पड़ते हैं, इससे परेशानी होती है। 
मोदीपुरम निवासी रवि चौधरी का कहना है कि शाम के समय शहर में सिटी बसें नहीं मिलती हैं, जिससे आवागमन में परेशानी होती है। शहर में देर रात तक बसें चलनी चाहिए।
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