वार्ड-10 के सदस्य अश्वनी शर्मा ने कहा कि पंचायत सदस्यों को समान रूप से काम नहीं मिल रहा। वित्तीय अनियमितताएं लगातार हो रही हैं। पंचायत अध्यक्ष केवल अपने चहेतों को काम दे रहे हैं। इनके वित्तीय अधिकारों पर रोक लगनी चाहिए। जल्द से जल्द कमिश्नर इसकी जांच कराएं, ताकि कार्रवाई हो सके और अध्यक्ष को पद से हटाया जा सके।
उन्होंने कहा कि सदन में सवाल भी उठाया गया था कि कितनी अवैध कॉलोनी हैं, जिस पर जवाब दिया गया था कि 56 अवैध कॉलोनी हैं। दो को नोटिस जारी किए गए हैं। आरोप लगाया कि पंचायत अध्यक्ष अवैध कॉलोनियों को नोटिस भेजकर उगाही कर रहे हैं।
वार्ड-20 सदस्य प्रदीप कुमार ने आरोप लगाया कि मृतक आश्रित में चपरासी की नौकरी देकर लिपिक बनाया है, जो कि उनके कार्यक्षेत्र में नहीं है। साढ़े 8 करोड़ की लाइट खरीदीं। 2 वर्ष की गारंटी वाली लाइटें 2 महीने में खराब हो गईं। निर्माण कार्यों के टेंडर में सेटिंग से 6 ठेकेदारों को काम दिया गया है। राज्य की बिना अनुमति के मेरठ जिला पंचायत विदेश के दौरे कर रहे हैं। इस दाैरान वार्ड 24 से सुनील कुमार, वार्ड 8 से अरुणा भारती, वार्ड 7 से सुमन शेखर, वार्ड 2 से मुनेश जितेंद्र, वार्ड 32 से विनय कुमार, वार्ड 15 से मीतन कुमार मौजूद रहे।