बिजली बंबा बाईपास पर इन दिनों कई निजी कॉलोनियां बन रही हैं। लोगों का भी रुझान इस ओर बढ़ रहा है। इसे लेकर मेरठ विकास प्राधिकरण के अधिकारी भी सजग हो गए हैं। प्राधिकरण भी अब प्राइवेट बिल्डरों की तर्ज पर ही टाउनशिप लांच करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए एमडीए सीधे तौर पर जमीन खरीदकर रजिस्ट्री कराएगा और योजना लांच करेगा। इस बाबत भू स्वामियों के साथ दो दौर की वार्ता हो चुकी है। लगभग सौ करोड़ के इस प्रोजेक्ट को अमली जामा पहनाने के लिए चल रही कवायद अंतिम दौर में है।
यह है प्रस्ताव
बिजली बंबा बाईपास इस समय डेवलपमेंट के लिए हॉट स्पॉट बन रहा है। प्रस्तावित इनर रिंग रोड से सटा होने के कारण निजी डेवलपर्स ने यहां कई प्रोजेक्ट लांच किए हुए हैं। इसे देखते हुए मेरठ विकास प्राधिकरण ने लगभग बीस एकड़ जमीन पर टाउनशिप बसाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस जमीन के लिए भू अधिग्रहण की कार्रवाई नहीं होगी।
भू स्वामियों से सीधे जमीन खरीदी जाएगी। रजिस्ट्री एमडीए के नाम होने पर जमीन पर पूर्ण स्वामित्व भी एमडीए का होगा। एमडीए के पास इस बाबत प्रस्ताव आ गए हैं जिस पर मंथन होना शुरू हो गया है। कुछ जमीन एमडीए अधिकारियाें को प्रथम दृष्टया पसंद है। एमडीए अधिकारियों का मानना है कि यदि सर्किल रेट पर ही जमीन मिल गई तो एमडीए तत्काल इस पर काम शुरू करा देगा। फिलहाल रेट को लेकर मंथन चल रहा है। भू स्वामी कुछ अधिक रेट चाह रहे हैं।
बढ़ानी होगी अप्रोच रोड
अधिकारियों को जो जमीन पसंद आई है, वह बाईपास से सौ मीटर पीछे है। वहां तक जाने के लिए अप्रोच रोड की चौड़ाई कम है। ऐसे में एमडीए को यह चौड़ाई बढ़ानी होगी। इस पर पूरा फोकस शुरू है। आसपास की जमीन के मालिक किसानों से वार्ता हो रही है। ताकि उनसे जमीन लेकर अप्रोच रोड की चौड़ाई बढ़ाई जा सके। एमडीए अधिकारियों का मानना है कि मुख्य रोड से हटाकर ही टाउनशिप विकसित करना बेहतर होगा। निकट भविष्य में बाईपास के चौड़ीकरण से इसपर कोई प्रभाव नहीं पडे़गा।
न्यू टाउनशिप पर मात खा चुका है एमडीए
बिजली बंबा बाईपास के पास 250 हेक्टेयर भू भाग पर एमडीए ने न्यू टाउनशिप विकसित करने का प्लान तैयार किया था। वर्ष 2014 में यह प्रस्ताव फाइनल होने के निकट था, तभी किसानों ने विरोध कर दिया। कहा कि वह न्यू टाउनशिप के लिए जमीन नहीं देंगे। किसानों ने दो टूक कहा कि वह केवल जुर्रानपुर फाटक और इनर रिंग रोड के लिए जमीन देंगे, टाउनशिप के लिए नहीं। ऐसे में एमडीए को यह प्रस्ताव वापस लेना पड़ा था। हालांकि किसानों ने अभी तक जुर्रानपुर फाटक और इनर रिंग रोड में से किसी के लिए भी जमीन नहीं दी है। यही कारण है कि नए प्रस्ताव पर एमडीए ने अपनी पूरी प्लानिंग ही बदल दी है।
दिल्ली एक्सप्रेस-वे भी होगी कनेक्ट
दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे को यहां से निकलने वाली इनर रिंग रोड पर ही आकर मिलना है। ऐसे में यहां से दिल्ली से कनेक्टिवटी आसान होगी। उधर बुलंदशहर रोड का चौड़ीकरण किया जा रहा है। इस मार्ग से भी पहले ही सीधे कनेक्टिवटी है। एमडीए का मानना है कि यह प्रोजेक्ट तीन हाईवे, दिल्ली रोड, बुलंदशहर रोड तथा एक्सप्रेस वे के निकट होने से बेहतर रहेगा। ऐेसे में यह प्रस्ताव फायदे का सौदा साबित होगा।
बिजली बंबा बाईपास पर टाउनशिप डेवलप करने की कोशिश की जा रही है। यहां एमडीए सीधे तौर पर जमीन खरीद कर ही योजना लांच करेगा। जमीन के एक भूभाग पर योजना बन रही है। कुछ अड़चनें हैं। इन्हें जल्द ही दूर कर दिया जाएगा।
- कुमार विनीत सचिव एमडीए