फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut: साइबर वसूली केस में शादाब का मोबाइल-लैपटॉप कब्जे में, दस्तावेज भी जब्त; थानेदार की भूमिका की जांच

Sat, 24 Oct 2026 04:04 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ में साइबर फ्रॉड के नाम पर कथित अवैध हिरासत और वसूली के मामले में शादाब राव का मोबाइल-लैपटॉप व दस्तावेज कब्जे में लिए गए। सीओ की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट एसपी सिटी को भेजी गई है।

विज्ञापन
आरोपी पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मेरठ में साइबर फ्रॉड के नाम पर कथित अवैध हिरासत, प्रताड़ना और वसूली के मामले में जांच आगे बढ़ रही है। साइबर कैफे संचालक शादाब राव का मोबाइल, लैपटॉप और दस्तावेज पुलिस ने कब्जे में लिए हैं। वहीं, सीओ सौम्या अस्थाना ने अपनी प्रारंभिक जांच पूरी कर रिपोर्ट एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले को भेज दी है।

विज्ञापन


मामले में पहले ही निलंबित किए जा चुके पुलिसकर्मियों के साथ अब लिसाड़ी गेट थानेदार दलवीर सिंह की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस संबंधित लोगों के बैंक खातों में हुए लेनदेन और कॉल डिटेल की पड़ताल कर रही है।

शादाब का मोबाइल-लैपटॉप और दस्तावेज कब्जे में
लिसाड़ी गेट थाने के पास साइबर कैफे चलाने वाले शादाब राव का लैपटॉप और दस्तावेज सीओ कोतवाली संग्राम सिंह ने कब्जे में लिए हैं। खबर के अनुसार, पुलिस ने उनका मोबाइल भी कब्जे में लिया है। जांच में इन उपकरणों और दस्तावेजों से मिलने वाली जानकारी अहम हो सकती है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि संबंधित लोगों के बीच कब और कितनी रकम का लेनदेन हुआ।
विज्ञापन


एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले के मुताबिक, जांच में पर्याप्त सबूत मिलने पर निलंबित पुलिसकर्मियों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई और भ्रष्टाचार के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने पर विचार किया जाएगा।

यह भी पढ़ें: पति की कातिल पत्नियों को मृत्युदंड: हाईकोर्ट में अपील, साहिल-अमरदीप आगरा और मुस्कान-रविता लखनऊ जेल भेजे जाएंगे

Trending Videos

शाहिद ने लगाए 4.72 लाख रुपये वसूली के आरोप
नोएडा निवासी शाहिद चौधरी का मवाना निवासी शादाब राव के भाई दानिश के साथ पैसों का लेनदेन था। दानिश की तहरीर के बाद साइबर हेल्प डेस्क प्रभारी दरोगा अंकित सागर और हेड कांस्टेबल नीरज कुमार ने शाहिद को मेरठ बुलाया था। इसके बाद शाहिद और उनकी पत्नी के बैंक खाते फ्रीज किए जाने की बात सामने आई।

शाहिद का आरोप है कि 2 अगस्त 2026 को लिसाड़ी गेट थाने पहुंचने पर उन्हें हवालात में बंद कर प्रताड़ित किया गया और सादे कागजों पर हस्ताक्षर कराए गए। उनका कहना है कि 4 अगस्त को चार लाख रुपये लेने के बाद उन्हें छोड़ा गया, लेकिन उनकी घड़ी और बेल्ट वापस नहीं की गईं।

उन्होंने अधिकारियों को सोफा सेट देने के नाम पर भी रकम मांगने का आरोप लगाया है। शाहिद के मुताबिक, उनसे आठ लाख रुपये मांगे गए थे और कुल 4.72 लाख रुपये की कथित अवैध वसूली हुई। ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं। इनकी पुष्टि जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।
विज्ञापन

तीन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, थानेदार की भूमिका भी जांच में
शिकायत मिलने के बाद डीआईजी कलानिधि नैथानी के निर्देश पर एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने अंकित सागर और नीरज कुमार को निलंबित कर दिया था। खतौली थाने की पमनावली चौकी में तैनात दरोगा आरिफ को भी शाहिद से कथित अवैध वसूली के आरोपों के बाद निलंबित किया जा चुका है।

अब लिसाड़ी गेट थानेदार दलवीर सिंह की भूमिका भी जांच के दायरे में है। एसपी सिटी के अनुसार, घटना के दिन थानेदार का सीयूजी मोबाइल करीब दो घंटे तक हेड कांस्टेबल नीरज कुमार के पास था। इस संबंध में कॉल डिटेल प्राप्त की जा रही है।

सोफा खरीद और बैंक लेनदेन की भी पड़ताल
शाहिद ने आरोप लगाया था कि अधिकारियों के लिए सोफा खरीदने के नाम पर ऑनलाइन रकम मांगी गई थी। एसपी सिटी ने बताया कि जांच में यह आरोप सही नहीं पाया गया कि सोफा किसी अधिकारी के घर पहुंचा था।

पुलिस शादाब राव की ओर से होटलों में आयोजित पार्टियों और संबंधित लोगों के बैंक खातों में हुए लेनदेन की भी जांच कर रही है। इसमें शाहिद चौधरी, शादाब राव और निलंबित पुलिसकर्मियों के खातों की गतिविधियों की पड़ताल शामिल है। जांच पूरी होने के बाद ही कथित वसूली और अन्य आरोपों पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें