शाहिद ने लगाए 4.72 लाख रुपये वसूली के आरोप
नोएडा निवासी शाहिद चौधरी का मवाना निवासी शादाब राव के भाई दानिश के साथ पैसों का लेनदेन था। दानिश की तहरीर के बाद साइबर हेल्प डेस्क प्रभारी दरोगा अंकित सागर और हेड कांस्टेबल नीरज कुमार ने शाहिद को मेरठ बुलाया था। इसके बाद शाहिद और उनकी पत्नी के बैंक खाते फ्रीज किए जाने की बात सामने आई।
शाहिद का आरोप है कि 2 अगस्त 2026 को लिसाड़ी गेट थाने पहुंचने पर उन्हें हवालात में बंद कर प्रताड़ित किया गया और सादे कागजों पर हस्ताक्षर कराए गए। उनका कहना है कि 4 अगस्त को चार लाख रुपये लेने के बाद उन्हें छोड़ा गया, लेकिन उनकी घड़ी और बेल्ट वापस नहीं की गईं।
उन्होंने अधिकारियों को सोफा सेट देने के नाम पर भी रकम मांगने का आरोप लगाया है। शाहिद के मुताबिक, उनसे आठ लाख रुपये मांगे गए थे और कुल 4.72 लाख रुपये की कथित अवैध वसूली हुई। ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं। इनकी पुष्टि जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।