लोहिया नगर थाने के काजीपुर निवासी सेना के सिपाही कुणाल भड़ाना (24) का पार्थिव शरीर बुधवार को गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। पूरा गांव जवान के घर उमड़ पड़ा। गांव के ही श्मशान घाट में दोपहर के समय जवान का अंतिम संस्कार कर दिया। इस दौरान सेना पुलिस, लोहिया नगर पुलिस के अलावा सामाजिक संगठनों लोग मौजूद रहे।
आर्टिलरी रेजिमेंट में कुणाल भड़ाना पांच साल पहले खेल कोटे से भर्ती हुए थे। कुछ दिन पहले वह सड़क हादसे में घायल हो गए थे। हैदराबाद में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। चाचा प्रवीण कुमार ने बताया कि कुणाल के पिता स्व गुलाब सिंह भी सेना में थे। कुणाल गांव का होनहार बेटा था। उसकी शादी की तैयारी थी।
सेना ने उसे गार्ड ऑफ ऑनर दिया। परिवार में कुणाल की मां, भाई दीपांशु व चाचा हैं। सपा नेता गौरव गुर्जर काजीपुर, सपा विधायक अतुल प्रधान के प्रतिनिधि, भाजपा मंत्री सोमेन्द्र तोमर के प्रतिनिधि, जिला पंचायत सदस्य विपिन भड़ाना मौजूद रहे।
सरकारी धन का दुरुपयोग करने पर वीडीओ निलंबित
सरकारी धन का दुरुपयोग करने पर माछरा ब्लाॅक में तैनात ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) अमित कुमार को जिला विकास अधिकारी अम्बरीश कुमार ने निलंबित कर दिया है।
वीडीओ ने दूसरे गांव में सार्वजनिक शौचालय बनाया था। इस संबंध में डीडीओ ने बीडीओ दौराला ब्रहमपाल सिंह को जांच सौंपी है। जॉनी खुर्द में तैनाती के दौरान वीडीओ अमित कुमार ने सार्वजनिक शौचालय के निर्माण में गड़बड़ी की थी।
ग्राम पंचायत बहरामपुर में सार्वजनिक शौचालय के निर्माण के लिए करीब 3.65 लाख रुपये का बजट जारी हुआ था। इसकी शिकायत होने पर डीएम ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गामिनी सिंगला से जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट में निर्माण कार्य नियम विरुद्ध पाए जाने पर डीडीओ ने वीडीओ अमित कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। बीडीओ अम्बरीश कुमार ने बताया कि इस संबंध में दौराला बीडीओ को जांच सौंपी है।
जल्द मांग पूरी नहीं होने पर करेंगे आंदोलन
इंडियन पब्लिक सर्विस एंप्लाइज फेडरेशन के आह्वान पर बुधवार को कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा और राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने कलक्ट्रेट में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। पुरानी पेंशन बहाली, आठवें वेतन आयोग का गठन, राष्ट्रीय वेतन आयोग का गठन सहित 18 सूत्रीय ज्ञापन दे दिया है। उनकी मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा और राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने 18 सूत्रीय ज्ञापन में संविदा आउटसोर्सिंग दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी, ठेका प्रथा खत्म करने की बात कही है। संयुक्त मोर्चा का प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय पर बुधवार को धरना प्रदर्शन था। इसमें मेडिकल कॉलेज, रोडवेज परिषद, आईटीआई, पशुपालन, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन, सिंचाई विभाग, स्टाफ नर्स, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, होम्योपैथिक विभाग, आउटसोर्सिंग के कर्मचारी शामिल थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विजय सिंह राणा ने की। संचालन जिला अध्यक्ष विपिन त्यागी और जिला महामंत्री संजय राणा ने किया। मेडिकल कॉलेज से जेपी यादव, वीरेंद्र सिंह, सुनीता तेवतिया, पारुल माधवी, सुनीता यादव, शिवानी सिंह, रोडवेज से प्रमोद शर्मा, उमेश गिरी, पुष्पेंद्र कुमार, नीरज शर्मा, देवेश पाल, पशुपालन से विपुल कुमार, सिंचाई विभाग से विकास त्यागी, मोहित शर्मा, जयपाल सिंह, राजा मेहंदी, प्रीति, सुरेश चांदना मौजूद रहे।
ओम अस्पताल के मालिक, बेटे को धमकी
स्कार्पियो सवार दो युवकों ने ओम अस्पताल के मालिक विनीत गर्ग को जान से मारने की धमकी देते हुए मुकदमा वापस लेने का दबाव भी बनाया।
आरोप है कि कचहरी में एक महिला अधिवक्ता ने उनके बेटे पर मुकदमा वापस नहीं लेने पर दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। विनीत गर्ग ने लालकुर्ती थाने में शिकायत की और एसएसपी कार्यालय पर पहुंचकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
कसेरुबक्सर निवासी विनीत गर्ग का गढ़ रोड पर मेडिकल कॉलेज के सामने ओम अस्पताल है। उनका दवाइयों का भी कारोबार है। कुछ दिन पहले लोन मामले को लेकर डेट रिकवरी ट्रिब्युनल (डीआरटी) ने अस्पताल सील कर दिया था। विनीत गर्ग के मुताबिक डीआरटी में मुकदमा लड़ने के लिए उन्होंने एडवोकेट आयुषि से मुलाकात की। आरोप है कि आयुषि ने उनसे 40 लाख रुपये डीआरटी में मुकदमा डालने के लिए थे, लेकिन मुकदमा फाइल नहीं किया गया। जब विनीत गर्ग ने रुपये वापस मांगे तो आयुषि ने 3 फरवरी को मेरठ कॉलेज कॉम्प्लेक्स स्थित अपने ऑफिस में बुलाया और चार फरवरी को रुपये वापस देने की बात कही थी।
विनीत गर्ग का आरोप है कि जब चार फरवरी को आफिस में पहुंचे तो उनकी हत्या करने के लिए पानी में जहर मिलाकर दिया गया। उन्हें बंधक बनाने की कोशिश भी की गई लेकिन वह किसी तरह आरोपियों के चंगुल से बाहर निकल आए। यह घटनाक्रम सीसीटीवी फुटेज में कैद है। इस मामले की शिकायत बेटे नैतिक गर्ग ने लालकुर्ती थाने में की थी।
पुलिस ने एडवोकेट आयुषि, आशीष, गौरव कौशिक, शहजाद, आयुषि का चालक और दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। एक माह बात भी पुलिस ने किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की है।
मंगलवार को भगत लाइन के पास विनीत गर्ग अपने बेटे नैतिक के साथ स्कूटी से अपने काम से घर लौट रहे थे। इसी दौरान एक स्कार्पियो सवार दो युवकों ने मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाते हुए जान से मारने की धमकी दी। मंगलवार दोपहर को नैतिक गर्ग मुकदमे के सिलसिले में कचहरी गए थे।
यहां एक महिला अधिवक्ता ने नैतिक को धमकाते हुए मुकदमा वापसी का दबाव बनाया। मुकदमा वापस नहीं लेने पर दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। विनीत गर्ग ने एसएसपी से सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। लालकुर्ती थाना प्रभारी इंदु वर्मा का कहना है कि धमकी देने की जानकारी मुझे नहीं है। यदि ऐसा है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
दुष्कर्म के मामले में आरोपी बना रहे समझौते का दबाव
फलावदा थाना क्षेत्र स्थित एक गांव में किशोरी के साथ दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कोर्ट में मुकदमा विचाराधीन है। आरोपी के परिजन किशोरी के परिवार पर समझौते का दबाव बना रहे हैं। उन्होंने बुधवार को एसएसपी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
फलावदा के एक गांव की रहने वाली 12 साल की किशोरी के साथ गांव के ही रहने वाले 35 साल के आरोपी ने पिस्तौल दिखाकर दुष्कर्म किया था। पीड़ित परिवार की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया था आरोपी 5 महीने बाद जेल से जमानत कर बाहर आ गया था।
कोर्ट में गवाहों के बयान चल रहे हैं। वहीं आरोपी ने पीड़ित परिवार पर समझौते का दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़ित परिवार ने समझौते से इन्कार किया तो आरोपी ने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने फलावदा पुलिस को कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
युुवक की गोली मारकर हत्या, नहीं हुई शनाख्त
सरधना के भलसोना गांव के पास गंगनहर पटरी पर एक युवक की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। युवक का शव कांवड़ मार्ग पर चकरोड पर पड़ा मिला। पुलिस ने शव की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। आसपास के जिलों से गुमशुदा युवकों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। मृतक की उम्र 35 वर्ष के करीब है।
बुधवार सुबह करीब सात बजे सरधना थाना पुलिस को भलसोना गांव के प्रधान ने कांवड़ पटरी मार्ग पर सड़क किनारे चकरोड पर एक युवक का शव पड़ा होने की सूचना दी। थाना प्रभारी प्रताप सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। युवक की गर्दन में तार के निशान थे। इसके अलावा उसके सिर व गर्दन में सटाकर गोली भी मारी गई है। युवक को तीन गोलियां मारी गई हैं। उसके गले पर चोट के निशान भी हैं। फोरेंसिक टीम ने मौके पर जाकर जांच की।
पुलिस मानकर चल रही है कि हत्या दूसरी जगह करने के बाद शव यहां फेंका गया। एसपी देहात कमलेश बहादुर ने बताया कि मृतक के पास से पहचान का कोई कागज नहीं मिला है। गोलियां मारकर हत्या की गई है। मृतक की फोटो सोशल मीडिया और जोन के जनपदों में भेजी गई है। शव को मोर्चरी भिजवाया गया है। पहचान नहीं होने पर 72 घंटे बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
नौकरी दिलवाने के नाम पर दस लाख की ठगी
मेट्रो में नौकरी दिलवाने के नाम पर युवक से दस लाख की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने एसएसपी कार्यालय पर शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
देवबंद स्थित गांधी कालोनी निवासी हरभजन सिंह ने बताया कि कुछ समय पहले वह दिल्ली मेट्रो में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था। वहां उसकी मुलाकात टोकन बांटने वाले एक कर्मचारी से हुई, जो मेरठ के जानी क्षेत्र का रहने वाला है। कर्मचारी ने बताया कि उसकी मेट्रो के अफसरों से अच्छी सेटिंग है और वह उनकी नौकरी लगवा सकता है। उन्होंने इस बात पर ध्यान नहीं दिया। इसके बाद वह सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी छोड़कर घर लौट आए।
रभजन सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले उसी कर्मचारी का उनके पास फोन आया। उसने कहा कि वह मेरठ मेट्रो में भी उसकी नौकरी लगवा सकता है। आरोपी ने तीन किश्त में 1.50 लाख रुपये लेकर फर्जी रजिस्ट्रेशन दिखा दिया और कई बार में 8.75 लाख रुपये यूपीआई से एक एकाउंट में ट्रांसफर करा लिये।
आरोप है कि कुछ दिन बाद उसने ज्वाइनिंग लेटर व्हाट्सएप पर भेज दिया और हार्ड कॉपी के लिए कुछ और रुपये की मांगने लगा। उन्होंने 20 हजार रुपये दे भी दिये लेकिन लेटर नहीं आया। इसके बाद वह एनसीआरटीसी के दिल्ली ऑफिस पहुंचे तो पता चला कि ज्वाइनिंग लेटर फर्जी हैं। वह अपने पिता को लेकर आरोपी के जानी स्थित गांव पहुंचे और उसके परिवार से शिकायत कर लौट रहे थे कि गांव के बाहर आरोपी ने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर उन पर हमला बोल दिया। इसकी जानी थाने में शिकायत की लेकिन उन्होंने भी मदद से हाथ खड़े कर दिए।