अनुसूचित जाति समाज के लोगों में रोष, पूर्व विधायक सहित अन्य डीएम से मिले
सपा नेता मुकेश सिद्धार्थ पर रासुका की तैयारी पर अनुसूचित जाति के लोगों में आक्रोश है। शनिवार को पूर्व विधायक विनोद हरित, रालोद नेता नरेंद्र खजूरी व प्रोफेसर सतीश प्रकाश सहित अन्य लोग जिलाधिकारी से मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई की।
पूर्व विधायक विनोद हरित, नरेंद्र खजूरी, जिला पंचायत सदस्य प्रताप लोहिया, जिला पंचायत सदस्य दीपक गुन, लीलापत, प्रवीण भारती, रविंद्र प्रेमी, प्रोफेसर सतीश प्रकाश, रामदास, सुशील कुमार, प्रसन्नजीत गौतम ने जिलाधिकारी से उनके आवास पर मुलाकात की। इसमें बताया कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए मुकेश सिद्धार्थ को गिरफ्तार किया है और अब रासुका की तैयारी शुरू कर दी। वहीं, पुलिस प्रशासन के कहने पर और कानून व्यवस्था को देखते हुए समाज के लोगों ने महापंचायत स्थगित कर दी थी। उन्होंने कहा कि मुकेश सिद्धार्थ पर रासुका की कार्रवाई हुई तो अनुसूचित जाति के लोग दोबारा महापंचायत का ऐलान करेंगे। प्रशासन इसके लिए जिम्मेदार होंगे। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने आश्वासन दिया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत ही कार्रवाई होगी।
मासूम को भर्ती न करने पर हंगामा, परिजनों से मारपीट
मेडिकल कॉलेज में शनिवार शाम मासूम को भर्ती न करने को लेकर हंगामा हो गया। स्टाफ ने उसके परिजनों से मारपीट कर दी। बाद में पीड़ित परिजन मासूम को दिल्ली ले जाने के लिए रवाना हो गए। छोटा मवाना निवासी सतेंद्र के दो माह के पुत्र के शरीर में संक्रमण फैल गया।
शनिवार शाम परिजन मासूम को लेकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे। आरोप है कि स्टाफ की लापरवाही के चलते पीड़ित परिजनों को इमरजेंसी और दूसरे विभाग के बीच कई चक्कर काटने पड़े। इसके बाद भी मासूम को भर्ती नहीं किया गया। इससे परिजन परेशान हो गए।
मेडिकल कॉलेज के स्टाफ ने बच्चे को दिल्ली ले जाने के लिए कह दिया। इसके बाद स्टाफ के साथ कहासुनी हो गई। आरोप है कि स्टाफ में शामिल लोगों ने परिजनों के साथ मारपीट कर दी। हंगामा होते देख आसपास के लोग पहुंचे और मामला शांत कराया। इसके बाद परिजन बिना किसी कार्रवाई के बच्चे को लेकर दिल्ली रवाना हो गए। मेडिकल थाना प्रभारी ने घटना के संबंध में कोई शिकायत मिलने से इन्कार किया है।
वीडियो हुआ वायरल
इस मामले को लेकर एक वीडियो भी वायरल हुआ। वीडियो में एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के बाहर शोरशराबा हो रहा है। इस वीडियो को घटना से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रशासन ने इस वीडियो को दो वर्ष पुराना बताया है।