एप में अलग-अलग विकल्प आएंगे। जरूरत पर उसी विकल्प पर क्लिक करना होगा। चुनाव संबंधी कोई भी समस्या आने पर किसको कॉल करनी है या सूचना देनी है, उन कर्मचारी व अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी इसमें सामने आ जाएंगे। जिस भी अधिकारी को कॉल करनी है, एप में अंकित उनके मोबाइल नंबर पर क्लिक करते कॉलिंग शुरू हो जाएगी।
जगह का नाम डालते ही ब्यौरा
इस एप में जिस जगह का नाम डाला जाएगा, उसकी पूरी जानकारी मोबाइल में सामने आ जाएगी। लोकेशन भी गूगल मैप पर होगी। जिस जगह के बारे में जानकारी की जा रही है, वहां की कितनी दूरी है, यह भी एप बताएगा।
यह होगा फायदा
एसपी चुनाव सेल संजीव वाजपेयी का कहना है कि चुनाव में बूथ, मतदान केंद्र, संवेदनशील स्थान, थाना क्षेत्र और चुनाव संबंधी अन्य जानकारी और रिकॉर्ड की जो बुकलेट तैयार की जाती हैं उनमें पेजों की संख्या अधिक हो जाती है। बुकलेट फिर भी तैयार की जा रही है। लेकिन किसी भी चुनाव में ड्यूटी करने वाले कर्मचारी या जवान या अधिकारी को किसी भी मतदान केंद्र की दूरी या जगह की जानकारी करनी है तो एप में क्लिक करते ही सामने आ जाएगी।
सभी के मोबाइल नंबर कनेक्ट होंगे
मतदान केंद्र का नाम सामने आने के बाद वहां के थानेदार, सीओ, एसपी सिटी, एसपी देहात, एसएसपी और डीएम/जिला निर्वाचन अधिकारी के मोबाइल नंबर भी सामने आ जाएंगे। सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट के मोबाइल नंबर भी कनेक्ट किए गए हैं। चुनाव के लिए जो हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा इन सभी की जानकारी एप में मिलेगी।
मददगार साबित होगा एप
सॉफ्टवेयर के माध्यम से यह नया एप तैयार किया गया है। लांच करने के बाद पूरे प्रदेश में चुनाव में यह एप मददगार साबित होगा। गूगल मैप से इसे कनेक्ट किया गया है। इससे पुलिस फोर्स को ड्यूटी में भी मदद मिलेगी। - नितिन तिवारी, एसएसपी